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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेशधर्म-संसारअध्यात्मविविधयात्रा Alert Star Digital Team May 31, 2024 09:12 PM

भक्तों का इंतजार खत्म, चारधाम ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की 1 जून है डेट, इतनी हैं सीट

भक्तों का इंतजार खत्म, चारधाम ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की 1 जून है डेट, इतनी हैं सीट

भक्तों का इंतजार खत्म, चारधाम ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की 1 जून है डेट, इतनी हैं सीट

चारधाम यात्रा जाने के इच्छुक तीर्थ यात्रियों के लिए बहुत बड़ा अपडेट है। केदारनाथ-बदरीनाभ, यमुनोत्री समेत चारधाम यात्रा की ऑफलाइन डेट आ गई है। देश के अन्य राज्यों से भक्तजन उत्तराखंड पहुंच ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

 

उत्तराखंड के सभी जिलाधिकारियों से बातचीत करने के बाद एक जून से चारधाम यात्रा के श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। आपको बता दें कि चारधाम यात्रा पर जाने के लिए ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।शनिवार को सुबह सात बजे से हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे। एक जून से चारधाम के लिए हरिद्वार में रोजाना 1500 श्रद्धालु और ऋषिकेश में भी रोजाना 1500 श्रद्धालु पंजीकरण करा सकेंगे।गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय ने शुक्रवार को कहा कि चारधाम यात्रा की शुरुआत में श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक बढ़ने के बाद ऑफलाइन पंजीकरण 31 मई तक अस्थाई रूप से बंद किए गए थे। सीएम धामी ने लगातार चारधाम यात्रा की समीक्षा की।सरकार की प्राथमिकता सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा कराना है। सीएम ने निर्देश दिए थे कि प्रशासन चारधाम यात्रा की समीक्षा करने के बाद अपने स्तर से यात्रा के संबंध के निर्णय लें। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा का ध्यान रखते हुए पंजीकरण को बंद किया गया था।उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है। बताया कि ऑफलाइन पंजीकरण शुरू होने के बाद भी परिस्थितियों के अनुसार प्रशासन हर घंटे में चारधाम यात्रा को लेकर अपना निर्णय बदल सकता है। ऑफलाइन पंजीकरण शुरू होने के बाद चारधाम के श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।इससे पहले पांडेय ने ऋषिकुल मैदान का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने चारधाम यात्रा के श्रद्धालुओं के लिए ऋषिकुल मैदान में बिजली, पानी, शौचालय आदि की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

15 मई से बंद था ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही देश के कई राज्यों से तीर्थ यात्री दर्शन करने को उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। केदारनाथ, यमुनोत्री समेत चारों धामों में तीर्थ यात्रियों को हुजूम उमड़ पड़ा था। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए हुए सरकार ने ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन को 15 मई से बंद किया हुआ था। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद होने के बाद यात्रियों ने विरोध भी दर्ज करवाया था।

14 लाख तीर्थ यात्री कर चुके दर्शन
10 मई से शुरू चारधाम में तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। एमपी, राजस्थान, यूपी, गुजरात, महाराष्ट्र समेत देश के अन्य राज्यों से 30 मई तक 14 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष की तुलना में आंकड़ा दोगुना बढ़ा है। पिछले तीन दिनों में गंगोत्री और यमुनोत्री में करीब 10 हजार, केदारनाथ के गुरुवार को 18 हजार और बदरीनाथ में करीब 20 हजार श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे है।

परिस्थितियों के अनुसार होगा निर्णय
गढ़वाल आयुक्त पांडेय ने बताया की चारधाम में परिस्थितियां अनुकूल होने पर ऑफलाइन पंजीकरण बढ़ाया जाएगा। वहीं परिस्थितियां जटिल होने पर पंजीकरण की संख्या को कम भी किया जा सकता है। भीड़ बढ़ने पर पंजीकरण स्थगित भी किया जा सकता है।

हरिद्वार और ऋषिकेश से भेजे श्रद्धालु
गढ़वाल आयुक्त पांडेय ने बताया कि ऑफलाइन पंजीकरण अस्थाई रूप से बंद होने के दौरान सरकार ने बड़ी संख्या में हरिद्वार और ऋषिकेश में रुके हुए श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा के लिए भेजा है। ऋषिकेश से करीब 15 हजार श्रद्धालु और हरिद्वार से करीब 12 हजार श्रद्धालुओं को पंजीकरण बंद होने के बाद भी चारधाम यात्रा पर भेजा गया है।

ऋषिकुल में अच्छी व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए। अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद ऋषिकुल मैदान में अच्छी व्यवस्था होने का दावा किया। इस दौरान गढ़वाल आयुक्त ने बताया की मेडिकल परीक्षण की सुविधा भी श्रद्धालुओं के लिए मौके पर उपलब्ध कराई गई है।

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