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विकास खंडों के आंकलन के लिए आईआईटी के छात्रों की मदद लें : सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि राज्य में आकांक्षात्मक जिलों की तर्ज पर विकसित किए जा रहे सौ विकास खंडों की मानीटरिंग और आंकलन के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईएम लखनऊ के छात्रों की मदद ली जाए। उन्होंने इसमें राज्य के प्राविधिक एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों, संस्थानों के छात्रों को भी जोड़ने के निर्देश दिए।
बीडीओ को न दें कोई और चार्ज
मुख्यमंत्री बुधवार को प्रदेश के सौ आकांक्षात्मक विकास खंडों को विकसित किए जाने की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि आकांक्षात्मक विकास खंडों में तैनात होने वाले ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) को अन्यत्र किसी और ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार न दिया जाए। इन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत युवा, ऊर्जावान और विजनरी अधिकारियों की तैनाती की जानी चाहिए।
एसडीएम को बनाएं विकास खंड का नोडल अधिकारी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संबंधित एसडीएम को इस विकास खंड का नोडल अधिकारी नामित किया जाए। यह नोडल अधिकारी विकास खंड में होने वाले विकास कार्यों, उपलब्ध कराए जा रहे डाटा की शुचिता और वास्तविकता के प्रति जवाबदेह होगा।
आकांक्षात्मक जिलों में बलरामपुर प्रथम
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा चिन्हित प्रदेश के आठ आकांक्षात्मक जिलों बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर, चित्रकूट, बहराइच और श्रावस्ती में विकास के सभी मानकों पर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। नीति आयोग द्वारा सतत रियल टाइम मॉनीटरिंग डैशबोर्ड (चैंपियन ऑफ चेंज) के अनुसार जारी रैंकिंग में इन जिलों ने अच्छा स्थान प्राप्त किया है। देश के कुल 112 आकांक्षात्मक जिलों में सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने वाले जिलों की ताजा सूची में यूपी के पांच जिले शीर्ष 10 में शामिल हैं। बलरामपुर प्रथम स्थान पर है। यह स्थिति संतोषजनक है।
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