होम ज्ञानवापी मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों से सर्वे पर मांगी आपत्तियां

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team May 24, 2022 09:45 PM

ज्ञानवापी मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों से सर्वे पर मांगी आपत्तियां

ज्ञानवापी मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों से सर्वे पर मांगी आपत्तियां

ज्ञानवापी मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों से सर्वे पर मांगी आपत्तियां

ज्ञानवापी विवाद मामले की सुनवाई आज जिला न्यायालय में हुई। ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी मामले में मुकदमे की पोषणीयता से संबंधित मामले पर सुनवाई के लिए वाराणसी जिला अदालत ने 26 मई की तारीख नियत की है। शासकीय अधिवक्ता राणा संजीव सिंह ने बताया कि अदालत ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार मुकदमे की पोषणीयता पर सुनवाई के लिए 26 मई की तारीख मुकर्रर की है। उन्होंने बताया कि यह मुकदमा चलाने लायक है या नहीं, इस पर अदालत 26 मई को सुनवाई करेगी।

सिंह ने बताया कि इसके साथ ही अदालत ने कमीशन की कार्यवाही पर आपत्ति दाखिल करने के लिए दोनों पक्षों को एक सप्ताह का समय दिया है। मुस्लिम पक्ष के वकील अभय नाथ यादव ने बताया कि उन्होंने सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि उन्होंने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर यह कहा है कि यह मुकदमा सुनने लायक नहीं है क्योंकि ज्ञानवापी प्रकरण की सुनवाई करना उपासना स्थल अधिनियम-1991 का उल्लंघन है। वहीं कोर्ट ने दोनों पक्ष को वीडियोग्राफी की फोटो कॉपी देने की बात कही है। साथ ही एक सप्ताह में सर्वे पर दोनों पक्षों से आपत्तियां मांगी है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अदालत को 8 सप्ताह में सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया है। जिसकी वजह से अब सबकी निगाहें वाराणसी के जिला जज के कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने 20 मई को केस की जटिलता और संवेदनशीलता के मद्देनजर इसकी सुनवाई सिविल जज सीनियर डिविजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत से स्थानांतरित करके वाराणसी के जिला जज डॉक्टर अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में स्थानांतरित कर दिया था। 

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)