होम कम दर पर बिजली की याचिका पर पॉवर कारपोरेशन ने क्या दिया जवाब, जानें
कम दर पर बिजली की याचिका पर पॉवर कारपोरेशन ने क्या दिया जवाब, जानें
उ.प्र. विद्युत उपभोक्ता परिषद की बिजली दरें कम करने की याचिका पर उ.प्र. पावर कारपोरेशन ने शुक्रवार को नियामक आयोग में अपना जवाब दाखिल कर दिया है। जिसमें लिखा है कि परिषद द्वारा बिजली कंपनियों पर निकल रहे उपभोक्ताओं के जिस 20596 करोड़ रुपये का जिक्र किया है, उसका डिटेल ब्रेकअप नहीं दिया है। कारपोरेशन के इस आपत्ति पर परिषद की तरफ से भी मौजूदा समय में निकल रहे 22045 करोड़ रुपये का डिटेल ब्रेकअप नियामक आयोग में दाखिल कर दिया है।
अब इस मामले में नियामक आयोग सुनवाई करेगा जिसके बाद बिजली दरें तय करने के लिए सबकी दलीलें सुनी जाएंगी। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया है कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने जवाब में यह भी लिखा है कि इस मामले में अपीलेट ट्रिब्यूनल नई दिल्ली में मुकदमा दाखिल है, ऐसे में आयोग जो फैसला लेना चाहे।
पांच साल तक सात फीसदी बिजली दरें कम करने की मांग
अवधेश ने पूरा ब्रेकअप दाखिल करते हुए नियामक आयोग के चेयरमैन आरपी सिंह से मांग की है कि इस धनराशि के एवज में उपभोक्ताओं की बिजली दरों में पांच साल तक सात फीसदी कमी की जाए अथवा एक वित्तीय वर्ष में बिजली दरें 35 फीसदी कम की जाएं। आयोग में दाखिल आपत्ति में परिषद की तरफ से कहा गया है कि पावर कारपोरेशन का यह कहना कि मामला अपीलेट ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है, भ्रम में डालने वाली बात है। किसी भी न्यायालय में केवल मुकदमा दाखिल करने से प्रक्रिया पर रोक नहीं लगती जब तक कि उस पर स्टे आर्डर न जारी किया गया हो।
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