होम चुनावी संग्राम के नतीजों पर टिकी निगाहें, 10 मार्च को घोषित होंगे परिणाम
चुनावी संग्राम के नतीजों पर टिकी निगाहें, 10 मार्च को घोषित होंगे परिणाम
राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की लगभग दो महीने लंबी चली कवायद के बाद अब सारी निगाहें चुनाव नतीजों पर टिक गई हैं। राज्य की 403 सीटों के लिए सात चरणों में हुए चुनाव के परिणाम बृहस्पतिवार को घोषित किए जाएंगे। चुनाव नतीजों से यह तय हो जाएगा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश में लगातार दूसरी बार अपनी सरकार बनाकर कीर्तिमान रचती है या समाजवादी पार्टी (सपा) पांच साल बाद फिर सत्ता में लौटती है, या फिर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अथवा अन्य कोई दल या गठबंधन सभी को चौंकाते हुए सत्ता शीर्ष पर पहुंचता है। चुनाव परिणाम से यह भी तय होगा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की नई तरह की राजनीति रंग लाएगी, सपा मुखिया अखिलेश यादव की अपील परवान चढ़ेगी या फिर भाजपा का करिश्मा एक बार फिर अपना जादू दिखाएगा। राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना राज्य के सभी 75 जिलों में सुबह आठ बजे शुरू होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलट की गिनती होगी। उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में पड़े मतों की गणना की जाएगी। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि मतगणना स्थल पर कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए सैनिटाइजर, मास्क, ग्लव्स और थर्मल स्कैनर की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में पांच मशीन की वीवीपैट पर्ची की गिनती भी की जाएगी। मतगणना केंद्रों पर वीडियो कैमरा और स्टैटिक कैमरा भी लगाए जाएंगे। साथ ही हर केंद्र पर मीडिया सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में सहायक पीठासीन अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि मतगणना का कार्य निर्बाध रूप से पूरा किया जा सके। अधिकारी ने बताया कि सभी मतगणना केंद्रों की त्रिस्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इसमें केंद्रीय पुलिस बल, पीएसी तथा राज्य पुलिस बल शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक तमाम मतगणना केंद्रों पर 250 कंपनी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तैनात किये गये हैं। इनमें से 36 कंपनियों को ईवीएम की सुरक्षा में तैनात किया गया है जबकि 214 को मतगणना के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। मतगणना के दौरान कुल 61 कंपनी पीएसी बल भी तैनात किये गये हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश पुलिस के 625 राजपत्रित अधिकारी, 1807 इंस्पेक्टर, 9598 दारोगा, 11627 हेड कांस्टेबल और 48649 कांस्टेबल को मतगणना के दौरान सुरक्षा में तैनात किया गया है। उत्तर प्रदेश के चुनावी घमासान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की निगरानी को लेकर भी विपक्षी दल काफी सतर्क हैं और उन्होंने विभिन्न जिलों में मशीनों के रखे जाने वाले स्थलों के बाहर बाकायदा अपने कैंप लगाकर निगरानी शुरू कर दी है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।