होम UP में स्मार्ट मीटर पर बड़ा फैसला, 45 दिन तक रोक, बिल-बिजली को लेकर सरकार ने दी राहत
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते विरोध के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री A.K. Sharma ने तत्काल प्रभाव से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। अब तकनीकी जांच पूरी होने तक नए मीटर नहीं लगाए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते विरोध के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री A.K. Sharma ने तत्काल प्रभाव से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। अब तकनीकी जांच पूरी होने तक नए मीटर नहीं लगाए जाएंगे।
सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को लखनऊ स्थित Shakti Bhavan में ऊर्जा मंत्री ने बिजली विभाग के वरिष्ठ और क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों और तकनीकी खामियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में यह तय किया गया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर में आ रही समस्याओं की जांच के लिए एक तकनीकी समिति गठित की जाएगी। जांच पूरी होने तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया रोक दी गई है।
सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। जहां पहले से स्मार्ट मीटर लगे हैं, वहां बैलेंस खत्म होने के बाद भी 3 दिन तक बिजली नहीं काटी जाएगी। साथ ही 2 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 200 रुपये तक का नेगेटिव बैलेंस होने पर भी सप्लाई जारी रहेगी।
ऊर्जा मंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि रविवार, त्योहार या अन्य अवकाश के दिन किसी भी हालत में बिजली सप्लाई नहीं रोकी जाएगी। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
स्मार्ट मीटर में बैलेंस कम होने पर उपभोक्ताओं को पहले से SMS और कॉल के जरिए अलर्ट किया जाएगा, ताकि अचानक बिजली कटने की समस्या से बचा जा सके।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिल भुगतान के तुरंत बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। इसके लिए 24x7 टीम तैनात करने को कहा गया है, ताकि तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर देरी न हो।
ऊर्जा मंत्री ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि बिजली बहाली में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी के मौसम को देखते हुए सरकार ने बिजली व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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