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समाचारराजनीतिप्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Apr 20, 2026 11:11 PM

राहुल गांधी केस में बड़ा मोड़, इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने अचानक खुद को किया अलग, वजह...

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi की नागरिकता से जुड़े मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Allahabad High Court में चल रही सुनवाई के दौरान जस्टिस Subhash Vidyarthi ने खुद को मामले से अलग कर लिया। इसके बाद केस को आगे की सुनवाई के लिए दूसरी पीठ को सौंप दिया गया।

राहुल गांधी केस में बड़ा मोड़, इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने अचानक खुद को किया अलग, वजह...

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi की नागरिकता से जुड़े मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Allahabad High Court में चल रही सुनवाई के दौरान जस्टिस Subhash Vidyarthi ने खुद को मामले से अलग कर लिया। इसके बाद केस को आगे की सुनवाई के लिए दूसरी पीठ को सौंप दिया गया।

सोशल मीडिया पोस्ट बनी बड़ी वजह

यह फैसला ऐसे समय में आया जब याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट करते हुए कोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। इन पोस्ट्स में अदालत पर एकतरफा रवैया अपनाने के आरोप लगाए गए थे, जिस पर कोर्ट ने कड़ी नाराज़गी जताई।

कोर्ट ने जताई सख्त आपत्ति

सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की टिप्पणियां न्यायपालिका की छवि को प्रभावित करती हैं और इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप अदालत की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।

‘कोर्ट पर कीचड़ उछालने जैसे हैं पोस्ट’

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता ने सोशल मीडिया पर ‘गड़बड़ी’ जैसे आरोप लगाकर न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही यह भी सामने आया कि उन्होंने लोगों से राय मांगी कि क्या मामला इसी पीठ के सामने जारी रहना चाहिए—जिसे कोर्ट ने अनुचित बताया।

सुनवाई के दौरान नहीं सुनी गईं दलीलें

मामले की सुनवाई के दौरान शिशिर ने अदालत से अनुरोध किया कि केस को दो दिन बाद सुना जाए, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। बाद में जब उन्होंने अपनी दलीलें रखने की कोशिश की, तो अदालत ने साफ कर दिया कि अब उनकी बात नहीं सुनी जाएगी।

वकीलों की भूमिका पर भी सवाल

अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि इस मामले में पेश वकील, जिनमें राज्य सरकार के वकील और डिप्टी सॉलिसिटर जनरल शामिल थे, अदालत के सामने सही कानून और संबंधित केस लॉ प्रस्तुत करने में विफल रहे।

‘राजनीतिक लाभ के लिए कोर्ट का इस्तेमाल’

कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए अदालत का उपयोग किया है और मीडिया में दिए गए उनके बयान भी आपत्तिजनक हैं। सरकार की ओर से भी यह कहा गया कि सोशल मीडिया पोस्ट का बचाव नहीं किया जा सकता।

याचिकाकर्ता की सफाई भी आई सामने

सुनवाई के अंत में विग्नेश शिशिर ने कहा कि उन्होंने पहले कोर्ट के आदेश की सराहना भी की थी, लेकिन मौजूदा आदेश उन्हें एकतरफा लगा। इस पर जस्टिस विद्यार्थी ने कहा कि वे आदेश को चुनौती दे सकते हैं।

मामला अब दूसरी पीठ के पास

अंत में जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने खुद को इस मामले से अलग करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में ऐसा करना उचित है। अब इस केस की आगे की सुनवाई दूसरी पीठ द्वारा की जाएगी।

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