होम Diwali Shock in UP: गरीबों पर टूटा बिजली विभाग का 440 वोल्ट का झटका, नए कनेक्शन के दाम 6 गुना बढ़े
दीपावली से ठीक पहले उत्तर प्रदेश की जनता को बिजली विभाग ने बड़ा झटका दिया है। अब नए बिजली कनेक्शन के साथ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के लिए 6016 रुपये जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
UP News: दीपावली से ठीक पहले उत्तर प्रदेश की जनता को बिजली विभाग ने बड़ा झटका दिया है। अब नए बिजली कनेक्शन के साथ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के लिए 6016 रुपये जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले जहां 1 किलोवाट का कनेक्शन मात्र 1032 रुपये में मिल जाता था, वहीं अब उसी कनेक्शन के लिए लगभग 6400 रुपये तक देने होंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब हजारों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार दिवाली पर अपने घरों में रोशनी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
दरअसल, केंद्र सरकार की RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर फ्री में लगाने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में ऊर्जा विभाग ने बिना विद्युत नियामक आयोग की अनुमति के यह वसूली शुरू कर दी है। इससे गरीब उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने इस कदम को गरीबों के साथ सीधी नाइंसाफी बताया है। उन्होंने कहा,
“ऊर्जा विभाग बिना नियामक आयोग की अनुमति के छह गुना अधिक मीटर शुल्क वसूल रहा है। यह पूर्णतः अवैध है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए।”
वर्मा ने बताया कि 10 सितंबर से अब तक 1,74,878 नए कनेक्शन के आवेदन आए, जिनमें से 56,251 कनेक्शन जारी हुए, 34,737 आवेदन लंबित हैं, जबकि 23,192 उपभोक्ताओं ने पैसे जमा करने के बावजूद कनेक्शन नहीं पाया। सबसे गंभीर स्थिति 37,043 गरीब परिवारों की है, जो बढ़ी हुई दरें न दे पाने के कारण अब तक बिजली से वंचित हैं।
अवधेश वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने इस अवैध वसूली को नहीं रोका, तो उपभोक्ता परिषद आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ गरीबों को नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री के निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों को भी प्रभावित कर रहा है।
ABP न्यूज की पड़ताल में कई ऐसे परिवार सामने आए, जिन्होंने पुराने दर पर आवेदन किया था, लेकिन जब उन्हें नए रेट की जानकारी मिली तो वे पैसे जुटाने में असमर्थ रहे। अब दिवाली से पहले उनके घरों में उजियारा होना मुश्किल नजर आ रहा है।
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