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यूक्रेन से भारतीयों की निकासी की अभी कोई योजना नहीं, सुरक्षा प्राथमिकता: विदेश मंत्रालय
नयी दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत की यूक्रेन से अपने नागरिकों की निकासी की अभी कोई योजना नहीं है और उसका ध्यान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि हम सतत राजनयिक प्रयासों के जरिये दीर्घकालिक शांति एवं स्थिरता के लिये स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि कीव में भारतीय दूतावास वहां भारतीय छात्रों के सम्पर्क में है और जमीनी स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ हमारा पूरा ध्यान भारतीय नागरिकों, भारतीय छात्रों पर है तथा अन्य बातों को छोड़कर हमें इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि अभी वहां से निकासी की कोई योजना नहीं है और किसी विशेष उड़ान की व्यवस्था नहीं की गई है।यूक्रेन की सीमा पर स्थिति के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यूक्रेन-रूस सीमा पर वास्तव में क्या हो रहा है, इसके बारे में हम ठोस कुछ नहीं कह सकते और जहां तक स्थिति की गंभीरता का सवाल है, यह स्पष्ट है कि जब भी हम कोई परामर्श जारी करते हैं तो एक आकलन के बाद ही करते हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में बागची ने कहा कि भारत और यूक्रेन के बीच एयर बबल व्यवस्था के तहत सीमित उड़ान हैं और उड़ान एवं यात्रियों की संख्या से संबंधित सीमाओं एवं रोक को हटा लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘ भारतीय विमानवाहकों को भारत और यूक्रेन के बीच उड़ान के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। ’’ यूक्रेन को लेकर उत्पन्न स्थिति पर भारत के रूख के बारे में एक सवाल के जवाव में उन्होंने कहा कि भारत तनाव को तत्काल कम करने और मुद्दों के समाधान के लिये राजनयिक बातचीत का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि भारत, मिंस्क समझौते को लागू करने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों का स्वागत करता है। गौरतलब है कि भारतीय दूतावास ने मंगलवार को भारतीय नागरिकों, खास तौर से छात्रों को सलाह दी थी कि वे मौजूदा हालात के मद्देनजर अस्थाई रूप से देश (यूक्रेन) छोड़ दें।
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