होम UGC NET 2026 Controversy: Sociology Paper पर AI से तैयार होने और भारी गलतियों के आरोप, NTA पर उठे सवाल
यूजीसी नेट (UGC NET) 2026 की परीक्षा समाप्त होने के बाद अब इसका सोशियोलॉजी (Sociology) प्रश्नपत्र विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर कई अभ्यर्थियों और शोधार्थियों ने दावा किया है कि प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में वर्तनी, व्याकरण और अनुवाद संबंधी त्रुटियां थीं।
यूजीसी नेट (UGC NET) 2026 की परीक्षा समाप्त होने के बाद अब इसका सोशियोलॉजी (Sociology) प्रश्नपत्र विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर कई अभ्यर्थियों और शोधार्थियों ने दावा किया है कि प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में वर्तनी, व्याकरण और अनुवाद संबंधी त्रुटियां थीं। इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रश्नपत्र तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
यूजीसी नेट 2026 के सोशियोलॉजी पेपर को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट सामने आई हैं। अभ्यर्थियों का दावा है कि प्रश्नपत्र में ऐसे समाजशास्त्रियों, विचारकों और पुस्तकों से जुड़े प्रश्न शामिल किए गए, जिनका निर्धारित सिलेबस से सीधा संबंध नहीं था। इसी आधार पर कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र तैयार करने में AI का उपयोग किया गया हो सकता है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर एक पीएचडी स्कॉलर ने दावा किया कि प्रश्नपत्र के लगभग आधे प्रश्नों में गंभीर वर्तनी संबंधी गलतियां थीं। पोस्ट के अनुसार, कई प्रसिद्ध समाजशास्त्रियों और लेखकों के नाम भी गलत लिखे गए। आरोप है कि रिटज़र को पुटज़र, सोशल को ओवल, पारसंस को परसॉ और एआर देसाई को एके देसाई लिखा गया। इसके अलावा हिंदी अनुवाद की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए और कहा गया कि कई प्रश्नों को समझना उम्मीदवारों के लिए कठिन था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि प्रश्नपत्र में नाम, शब्द या अनुवाद ही गलत होंगे, तो सही उत्तर देना कठिन हो जाएगा। उनका मानना है कि इस तरह की त्रुटियां परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती हैं और कई उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर इसका असर पड़ा होगा।
फिलहाल सोशल मीडिया पर किए जा रहे सभी दावों को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने न तो किसी आरोप की पुष्टि की है और न ही उनका खंडन करते हुए कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। ऐसे में उम्मीदवार एजेंसी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
यूजीसी नेट (University Grants Commission National Eligibility Test) देश की प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है, जिसका आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है। इस परीक्षा के माध्यम से उम्मीदवारों की जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की पात्रता और पीएचडी में प्रवेश के लिए योग्यता निर्धारित की जाती है। यह परीक्षा हर वर्ष दो बार, जून और दिसंबर सत्र में आयोजित की जाती है।
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