होम Varanasi में पकड़ा गया Fake Daroga, पुलिस की वर्दी पहनकर दिखाता था रौब, लखनऊ तक बताता था अपनी पहुंच
वाराणसी में पुलिस अधिकारी बनकर लोगों पर धौंस जमाने वाले एक फर्जी दरोगा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को दारोगा बताता था और लोगों के बीच अपना प्रभाव जमाने के लिए बनारस से लेकर लखनऊ तक ऊंची पहुंच होने का दावा करता था।
वाराणसी में पुलिस अधिकारी बनकर लोगों पर धौंस जमाने वाले एक फर्जी दरोगा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को दारोगा बताता था और लोगों के बीच अपना प्रभाव जमाने के लिए बनारस से लेकर लखनऊ तक ऊंची पहुंच होने का दावा करता था। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क की भी जांच शुरू कर दी गई है।
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के मुताबिक, आरोपी की पहचान राजन प्रजापति के रूप में हुई है। उसे चोलापुर थाना क्षेत्र के मुर्दहा इलाके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, वह फर्जी पुलिस वर्दी पहनकर आम लोगों के बीच अपनी पहचान एक दारोगा के रूप में बनाता था।
राजन प्रजापति का आत्मविश्वास इतना अधिक था कि वह लोगों को आसानी से विश्वास दिला देता था कि वह पुलिस विभाग में कार्यरत है। वह अपनी पहुंच वाराणसी से लेकर लखनऊ तक होने का दावा करता था, जिससे लोग उसके प्रभाव में आ जाते थे।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि राजन प्रजापति खुद को पुलिस अधिकारी बताकर विभिन्न विवादों में समझौता कराने का भरोसा देता था। इसी बहाने वह लोगों से पैसे भी वसूलता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी शिवपुर का रहने वाला है। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर उससे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि उसके काम करने के तरीके और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
वाराणसी पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि फर्जी वर्दी और नकली पहचान पत्र का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने वाले ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस पूरे मामले में राजन प्रजापति अकेला नहीं था। पुलिस अब उसके संभावित साथियों और नेटवर्क की भी तलाश कर रही है।
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को केवल वर्दी देखकर पुलिस अधिकारी न मानें। यदि किसी व्यक्ति की पहचान को लेकर संदेह हो तो उसकी जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस को दें।
पुलिस ने बताया कि फर्जी पुलिसकर्मी अक्सर वर्दी, नेम प्लेट और सरकारी जैसे दिखने वाले वाहनों का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं। इसलिए सतर्कता ही ऐसे मामलों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
फिलहाल राजन प्रजापति के खिलाफ चोलापुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।