होम Ram Mandir Donation Case: SIT की फाइनल रिपोर्ट फिर टली? जांच के लिए 15 दिन और मिलने की चर्चा, सपा ने उठाए सवाल

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Jul 1, 2026 06:48 PM

Ram Mandir Donation Case: SIT की फाइनल रिपोर्ट फिर टली? जांच के लिए 15 दिन और मिलने की चर्चा, सपा ने उठाए सवाल

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच समिति (SIT) की अंतिम रिपोर्ट फिलहाल सामने नहीं आ सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जांच का दायरा बढ़ने के कारण एसआईटी को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिए जाने की संभावना है।

Ram Mandir Donation Case: SIT की फाइनल रिपोर्ट फिर टली? जांच के लिए 15 दिन और मिलने की चर्चा, सपा ने उठाए सवाल

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच समिति (SIT) की अंतिम रिपोर्ट फिलहाल सामने नहीं आ सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जांच का दायरा बढ़ने के कारण एसआईटी को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिए जाने की संभावना है। इस बीच समाजवादी पार्टी ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्षता पर भी टिप्पणी की है।

एसआईटी को मिल सकता है 15 दिन का अतिरिक्त समय

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी को पहले 15 दिनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बावजूद रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि जांच के कई पहलुओं की पड़ताल अभी बाकी है, इसलिए समिति ने अतिरिक्त समय की मांग की थी।

जानकारी के मुताबिक, 30 जून को लखनऊ में हुई बैठक के दौरान एसआईटी सदस्यों ने जांच का दायरा व्यापक होने का हवाला देते हुए और समय की आवश्यकता जताई। सूत्रों का दावा है कि इसके बाद जांच के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिए जाने की मंजूरी मिली है।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने उठाए सवाल

फैजाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने एसआईटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "यह करोड़ों-अरबों लोगों की आस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला है. यह SIT बेमतलब है. और आज हमारे नेता अखिलेश जी के इस मामले का खुलासा किए हुए 15 दिन से ज़्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है."

उन्होंने आगे कहा कि यह केवल उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि पूरे देश की धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है। उनके अनुसार इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति से कराई जानी चाहिए।

सपा सांसद ने आरोप लगाया कि एसआईटी की जांच का कोई औचित्य नहीं रह गया है और इस पूरे मामले में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

पहले 15 दिन में देनी थी फाइनल रिपोर्ट

जब इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था, तब उसे 15 दिनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, जांच दल पहले लखनऊ में बैठक करेगा, उसके बाद अयोध्या जाकर जांच प्रक्रिया पूरी करेगा और फिर मुख्यमंत्री को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा।

हालांकि, अब जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने की चर्चा तेज हो गई है।

शंकराचार्य परिषद् अध्यक्ष ने भी जताई आपत्ति

शंकराचार्य परिषद् के अध्यक्ष आचार्य आनंद स्वरूप महाराज ने भी एसआईटी की जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "एसआईटी दूध का दूध पानी का पानी कभी नहीं कर पाएगी. जब तक सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित कमेटी जांच नहीं करेगी, तब तक कुछ नहीं होगा. बड़ी मछलियां बच जाएंगी. सीएम योगी भी चाहते हैं कि चुनाव आने वाला है तो ऐसे में लीपापोती कर दिया जाए. मामले के अंतिम दोषी को जेल भेजना चाहिए."

फिलहाल एसआईटी की ओर से अतिरिक्त समय मिलने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। मामले पर सभी की नजर अब अंतिम जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)