होम Army Chief General Dhiraj Seth की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पहली मुलाकात, Vijay Vision और सेना के आधुनिकीकरण पर हुई अहम चर्चा
भारतीय थलसेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित रक्षा मंत्रालय के कर्तव्य भवन-2 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पहली शिष्टाचार मुलाकात की।
भारतीय थलसेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित रक्षा मंत्रालय के कर्तव्य भवन-2 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पहली शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच भारतीय सेना की परिचालन तैयारियों, सीमा सुरक्षा, सेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा प्रणालियों और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनरल धीरज सेठ को भारतीय थलसेना प्रमुख का दायित्व संभालने पर शुभकामनाएं दीं। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारतीय सेना तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप खुद को तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
बैठक में सेना की मौजूदा परिचालन क्षमता, सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने जैसे अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना व्यक्त की गई।
थलसेना प्रमुख बनने के बाद जनरल धीरज सेठ ने हाल ही में अपना 'Vijay Vision' प्रस्तुत किया है। इस विजन का उद्देश्य भारतीय सेना को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस, भविष्य के युद्धक्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार और बहु-क्षेत्रीय सैन्य अभियानों में अधिक प्रभावी बनाना है।
उनका फोकस सेना को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप नई रणनीतिक क्षमताएं विकसित करने पर है।
जनरल धीरज सेठ ने अपनी प्राथमिकताओं में आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सैन्य क्षमताओं का विस्तार, स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने को प्रमुख स्थान दिया है।
इसके साथ ही उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त सैन्य संचालन को भी अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बताया है। उनका मार्गदर्शक मंत्र 'जय से विजय' है, जो संयुक्तता, नवाचार और आत्मनिर्भरता के माध्यम से सैन्य शक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संदेश देता है।
रक्षा मंत्रालय में हुई यह पहली औपचारिक मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भारत अपनी सैन्य क्षमताओं के व्यापक आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रहा है। बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल और नई चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सशस्त्र बलों को अधिक आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
ऐसे में रक्षा मंत्री और नए थलसेना प्रमुख के बीच हुई यह बैठक आने वाले समय में भारतीय सेना की रणनीतिक प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जनरल धीरज सेठ ने 30 जून 2026 को भारतीय सेना के 31वें थलसेना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया। इससे पहले वह सेना के उप प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्रों से लेकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
उन्होंने निवर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, पीवीएसएम, एवीएसएम के सेवानिवृत्त होने के बाद यह जिम्मेदारी संभाली।
थलसेना प्रमुख का पद संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ ने कहा कि भारतीय सेना का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व और विनम्रता का विषय है। उन्होंने 'कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि' के सिद्धांतों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई और देश की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
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