होम Ayodhya Ram Mandir Donation Row: चंदा चोरी मामले पर कांग्रेस का PM मोदी को पत्र, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि दानदाताओं की आस्था से जुड़े इस गंभीर मामले में अब तक की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। वहीं, इस पूरे विवाद पर अभी राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार जारी है।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) और पब्लिक अकाउंट्स कमेटी के चेयरमैन केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार (2 जुलाई, 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने कहा कि अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी का मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और विश्वास से जुड़ा हुआ है।
वेणुगोपाल ने पत्र में कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई दान के रूप में दी थी, लेकिन इस आस्था के साथ विश्वासघात हुआ है।
अपने पत्र में केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सार्वजनिक भूमि पर हुआ और इसके संचालन के लिए भारत सरकार की ओर से एक सार्वजनिक ट्रस्ट का गठन किया गया। ऐसे में उनका कहना है कि मंदिर प्रशासन और उसकी जवाबदेही केंद्र सरकार के दायरे में आती है।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि कथित चंदा चोरी को लेकर समय-समय पर कई चेतावनियां सामने आई थीं, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका दावा है कि जिम्मेदार लोगों ने जानबूझकर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे करोड़ों रुपये के कथित गबन को संरक्षण मिला।
कांग्रेस ने पत्र में अब तक की एसआईटी (SIT) जांच पर भी सवाल खड़े किए हैं। केसी वेणुगोपाल का कहना है कि अब तक की जांच केवल औपचारिक कार्रवाई जैसी प्रतीत होती है और इससे कथित तौर पर बड़े आरोपियों को बचाने की कोशिश नजर आती है।
पार्टी का कहना है कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था के कथित राजनीतिक और आर्थिक दुरुपयोग से भी जुड़ा हुआ है।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तत्काल, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सभी तथ्यों का पता चल सके और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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