होम Bengal में भी शुरू हुआ Maharashtra Model? उद्धव ठाकरे गुट का BJP पर हमला, TMC विधायकों को लेकर लगाए गंभीर आरोप
पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी हलचल को लेकर शिवसेना (यूबीटी) ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र में अपनाए गए कथित "वॉशिंग मशीन मॉडल" को अब पश्चिम बंगाल में भी लागू किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी हलचल को लेकर शिवसेना (यूबीटी) ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र में अपनाए गए कथित "वॉशिंग मशीन मॉडल" को अब पश्चिम बंगाल में भी लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
शिवसेना (यूबीटी) ने अपने संपादकीय के माध्यम से दावा किया कि राजनीतिक दलों में टूट-फूट और विधायकों के पाला बदलने की घटनाओं को आसान बनाने के लिए विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष, चुनाव आयोग और यहां तक कि न्यायपालिका जैसी संस्थाओं की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पार्टी का कहना है कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों में जिस तरह से नेताओं का दल-बदल देखने को मिला है, उसने लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
संपादकीय में दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल में भी महाराष्ट्र जैसी राजनीतिक स्थिति बनती दिखाई दे रही है। शिवसेना (यूबीटी) के अनुसार, विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई विधायक बीजेपी के संपर्क में आए या उसके साथ जुड़ गए।
पार्टी ने कहा, "महाराष्ट्र जैसी स्थिति पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिल रही है, जहां हाल ही के विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक बड़े हिस्से के विधायक बीजेपी के साथ जुड़ गए हैं. इसमें आरोप लगाया गया कि यह वही राजनीतिक पैटर्न है, बस किरदार बदल गए हैं."
शिवसेना (यूबीटी) ने अपने संपादकीय में एक बार फिर "वॉशिंग मशीन मॉडल" शब्द का इस्तेमाल करते हुए बीजेपी पर हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि जिन नेताओं पर पहले भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते हैं, वही बाद में बीजेपी में शामिल होने के बाद राजनीतिक रूप से स्वीकार्य हो जाते हैं।
संपादकीय में कहा गया, "महाराष्ट्र का वॉशिंग मशीन मॉडल अब पश्चिम बंगाल में भी लागू कर दिया गया है, जहां टीएमसी के भ्रष्ट नेताओं को इसमें डाला जा रहा है. चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी नेताओं ने टीएमसी सरकार को भ्रष्ट और अवैध प्रवासियों का समर्थक बताया था, लेकिन चुनाव के बाद वही नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं."
उद्धव ठाकरे गुट ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को पार्टी छोड़ने के लिए विभिन्न तरीकों से प्रभावित किया जा रहा है।
पार्टी ने कहा, "टीएमसी नेताओं को तोड़ने के लिए धमकी, धन और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है."
संपादकीय में यह भी दावा किया गया कि भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ चल रही जांच की गति धीमी पड़ जाती है। हालांकि इन आरोपों पर बीजेपी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
शिवसेना (यूबीटी) ने अपने संपादकीय में यह भी कहा कि अवसरवादी नेताओं के दल छोड़ने से राजनीति में नए और ईमानदार नेतृत्व के उभरने का अवसर मिलेगा।
पार्टी का दावा है कि ऐसे राजनीतिक बदलावों के बाद देश में नई सोच, आत्मसम्मान और देशभक्ति की भावना के साथ नेतृत्व विकसित हो सकता है। वहीं, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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