होम Ram Mandir Donation Row: BJP नेता ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, बोले- जांच हो, सच सामने आए और दोषी बचने न पाए
अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर उठे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर उठे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपों और प्रत्यारोपों के बीच सच्चाई सामने लाना जरूरी है, ताकि जनता के मन में किसी तरह का भ्रम न रहे।
बीजेपी नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका मानना है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि लगाए गए आरोप गलत साबित होते हैं तो जांच एजेंसियों की रिपोर्ट ही उन सभी सवालों का जवाब होगी जो वर्तमान में ट्रस्ट को लेकर उठाए जा रहे हैं।
डॉ. रजनीश सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है और इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि आगामी महीनों में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसी वजह से राम मंदिर से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इस तरह के आरोपों को बार-बार उछाला जा रहा है।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व लेखा अधिकारी महिपाल सिंह द्वारा लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर भी डॉ. रजनीश सिंह ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि महिपाल सिंह विपक्ष के एजेंडे पर काम कर रहे हैं और उनके आरोपों की समय-सीमा को लेकर भी कई सवाल उठते हैं।
बीजेपी नेता ने पूछा कि यदि उनके सामने कथित वित्तीय गड़बड़ियां हुई थीं तो उन्होंने उस समय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को औपचारिक रूप से इसकी जानकारी क्यों नहीं दी।
राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर लगाए गए आरोपों और उनके जवाबों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विभिन्न पक्ष अपने-अपने तर्क रख रहे हैं, जिससे यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।
हालांकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति और आरोपों की सच्चाई किसी भी आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर है कि जांच को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और संबंधित एजेंसियां क्या निष्कर्ष सामने लाती हैं।
डॉ. रजनीश सिंह का कहना है कि जांच का उद्देश्य किसी पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं, बल्कि सच्चाई को सामने लाना होना चाहिए। उनके अनुसार, यदि आरोप सही हैं तो दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और यदि आरोप निराधार हैं तो इससे ट्रस्ट और उससे जुड़े लोगों पर लग रहे सवालों का भी अंत हो जाएगा।
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