होम ट्विशा शर्मा केस में बड़ा मोड़, हाईकोर्ट से राहत खत्म होते ही रिटायर्ड जज सास गिरफ्तार
भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। सीबीआई ने कई घंटों की पूछताछ के बाद ट्विशा शर्मा की सास और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इससे कुछ ही घंटे पहले हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी।
भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। सीबीआई ने कई घंटों की पूछताछ के बाद ट्विशा शर्मा की सास और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इससे कुछ ही घंटे पहले हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार (28 मई) को सीबीआई की टीम भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित एचआईजी-311 आवास पहुंची, जहां गिरिबाला सिंह से लंबी पूछताछ की गई। इस दौरान इलाके में भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। जांच एजेंसी ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए वर्चुअल वॉकथ्रू की तैयारी भी शुरू की है।
गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें धारा 80 सेक्शन 2 के तहत दहेज मृत्यु, धारा 85 के तहत विवाहित महिला के साथ क्रूरता और संयुक्त आपराधिक दायित्व से जुड़ी धारा 3 सेक्शन 5 शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने गिरिबाला सिंह से विस्तृत पूछताछ की। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। इससे पहले 15 मई को सत्र अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत दी थी। मामले में उनके बेटे समर्थ सिंह भी आरोपी हैं, जो पेशे से वकील बताए जा रहे हैं और फिलहाल सीबीआई हिरासत में हैं।
गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कराने के लिए महाधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि उन्होंने जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया और जांच में भी सहयोग नहीं दिया। अदालत ने इन तर्कों को सुनने के बाद देर रात उनका अग्रिम जमानत आदेश निरस्त कर दिया।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा, "हाई Court के आदेश में ट्विशा शर्मा के शरीर में 7 चोटों का भी जिक्र है. अदालत ने माना है कि सभी चोटें एंटी मार्टम यानी मृत्यु के पहले के हैं. मृत्यु के बाद शरीर को उतारकर ले जाने के दौरान चोटें नहीं आ सकती हैं."
उन्होंने आगे कहा कि हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है कि "ऐसा लगता है कि किसी प्रकार का अपराध घटित हुआ है."
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में कथित रूप से फांसी पर लटकी मिली थीं। मामले ने तूल पकड़ने के बाद सीबीआई ने 25 मई को जांच अपने हाथ में ली। जांच एजेंसी ने नई एफआईआर दर्ज करते हुए समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है।
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