होम थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर भड़की जंग की आग! दूसरे दिन भी हिंसा जारी, 15 की मौत, 46 घायल, UN ने बुलाई आपात बैठक
थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बुधवार को शुरू हुई सैन्य झड़पें गुरुवार को भी जारी रहीं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अब तक इस संघर्ष में 15 लोगों की मौत हो चुकी है
थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बुधवार को शुरू हुई सैन्य झड़पें गुरुवार को भी जारी रहीं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अब तक इस संघर्ष में 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 आम नागरिक और 1 सैनिक शामिल है, जबकि 46 अन्य घायल हुए हैं।
संघर्ष की शुरुआत बुधवार को एक बारूदी सुरंग के विस्फोट से हुई थी, जिसमें 5 थाई सैनिक घायल हो गए थे। इस घटना ने दोनों देशों के बीच पुराने तनाव को फिर से उभार दिया। इसके बाद दोनों सेनाओं के बीच जमकर फायरिंग और गोलाबारी हुई।
थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्री सोमसाक ने कंबोडिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी सेना ने आम नागरिकों और एक अस्पताल को निशाना बनाया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा,
"हम कंबोडिया सरकार से गुजारिश करते हैं कि वो फौरन इसे रोकें और अमन की राह पर लौटे।"
अब तक कंबोडिया सरकार ने अपने नुकसान या हताहतों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। लेकिन थाईलैंड का दावा है कि दोनों ओर भारी नुकसान हुआ है और तनाव का स्तर बेहद गंभीर हो चुका है।
थाईलैंड की सरकार के अनुसार, 100,000 से अधिक नागरिकों को सीमा क्षेत्र छोड़ना पड़ा है। इस झड़प को पिछले एक दशक की सबसे घातक सीमा संघर्ष बताया जा रहा है। विस्थापित लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में शरण दी गई है।
कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मैनेट के अनुरोध पर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसमें इस पूरे सीमा संघर्ष पर चर्चा की जाएगी। इस बीच, अमेरिका ने दोनों देशों से तत्काल संघर्ष रोकने की अपील की है और शांति बनाए रखने पर जोर दिया है।
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