होम अग्रिम जमानत मिलते ही बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, असत्य की हार हमेशा हुई है, फैसले के बाद मठ में जश्न

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Mar 25, 2026 07:47 PM

अग्रिम जमानत मिलते ही बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, असत्य की हार हमेशा हुई है, फैसले के बाद मठ में जश्न

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यौन उत्पीड़न मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।

अग्रिम जमानत मिलते ही बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, असत्य की हार हमेशा हुई है, फैसले के बाद मठ में जश्न

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यौन उत्पीड़न मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। बुधवार (25 मार्च) को अदालत से राहत मिलने के बाद उन्होंने कहा कि वह अपने धार्मिक कार्यों को पहले की तरह जारी रखेंगे और गौ-सेवा समेत धार्मिक गतिविधियों में लगे रहेंगे। आगे की रणनीति को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ध्यान धर्म से जुड़े कार्यों पर ही रहेगा।

मठ में जश्न का माहौल, समर्थकों में उत्साह

जमानत मिलने के बाद मठ के माहौल पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "हमारे बटुक लोग बहुत उत्साह में हैं. उन लोगों ने बाजा बजाकर और जयकारा लगाकर प्रसन्नता व्यक्त की." फैसले को विरोधियों की हार बताने के सवाल पर उन्होंने कहा, "विरोधियों की बात मत करिए. असत्य की हार है. असत्य की हार हमेशा हुई है. सत्य हमेशा जीता है. इसलिए जिसको विजय चाहिए हो उसको ये नीति बना लेनी चाहिए कि मैं सत्य के साथ खड़ा रहूंगा. अंतत: विजय उसी की होगी."

मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिप्पणी करने से उन्होंने इनकार करते हुए कहा, "इस मुकदमे के बारे में हम कुछ नहीं कहेंगे."

हाई कोर्ट ने मीडिया में बयान देने से किया मना

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यौन शोषण से जुड़े मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को अग्रिम जमानत दी। न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की पीठ ने यह आदेश सुनाया। अदालत ने साथ ही शिकायतकर्ता और याचिकाकर्ताओं दोनों को निर्देश दिया कि इस मामले पर मीडिया के सामने कोई सार्वजनिक बयान न दिया जाए।

पहले गिरफ्तारी पर भी लग चुकी थी रोक

इससे पहले अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज नाबालिगों से कथित यौन उत्पीड़न मामले में उन्हें तत्काल गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।

पॉक्सो मामले में दर्ज हुई थी FIR

जानकारी के अनुसार, प्रयागराज की पॉक्सो अदालत के निर्देश पर पुलिस ने झूंसी थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायत में कई शिष्यों के साथ कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने आदेश सुरक्षित रखते हुए आरोपियों को जांच में सहयोग करने के निर्देश भी दिए थे।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)