होम सोनिया गांधी की 1980 Voter List पर फिर खुला मामला, दिल्ली कोर्ट के फैसले से बढ़ी कानूनी हलचल
सोनिया गांधी के 1980 की मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से जुड़े मामले में दिल्ली की अदालत ने पुराने आदेश को रद्द करते हुए मामले की नए सिरे से सुनवाई के निर्देश दिए हैं।
सोनिया गांधी के 1980 की मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से जुड़े मामले में दिल्ली की अदालत ने पुराने आदेश को रद्द करते हुए मामले की नए सिरे से सुनवाई के निर्देश दिए हैं। 21 सितंबर 2026 को राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत ने मजिस्ट्रेट के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली शिकायत को खारिज किया गया था। अदालत ने मामले को दोबारा ACJM के पास भेजते हुए सभी पक्षों को सुनकर कारणयुक्त आदेश पारित करने को कहा है।
यह मामला अधिवक्ता विकास त्रिपाठी की ओर से उठाया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में उस समय शामिल था, जबकि याचिका के अनुसार उन्होंने भारतीय नागरिकता 30 अप्रैल 1983 को हासिल की थी। शिकायतकर्ता ने इस आधार पर FIR दर्ज कर जांच की मांग की थी। मामले में यह भी आरोप लगाया गया कि उनका नाम 1982 में मतदाता सूची से हटाया गया और 1983 में दोबारा दर्ज किया गया।
पहले मजिस्ट्रेट अदालत ने FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता विकास त्रिपाठी ने उस आदेश को चुनौती देते हुए ऊपरी अदालत का रुख किया। अब विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने पुराने आदेश को रद्द कर मामले को फिर से मजिस्ट्रेट अदालत भेज दिया है। अदालत ने कहा कि शिकायत पर नए सिरे से सुनवाई हो और पुलिस अधिकारी की बात तथा संबंधित पुलिस थाने की स्टेटस रिपोर्ट पर भी विचार किया जाए।
इस मामले को लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी से जवाब मांगा है। बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की मतदाता सूची में उस समय दर्ज था, जब उन्हें भारतीय नागरिकता नहीं मिली थी। प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी से सवाल किया कि उनकी मां का नाम उस समय वोटर लिस्ट में कैसे शामिल हुआ।
LIVE: BJP National Spokesperson & National Media Co-Convener Shri @pradip103 addresses press conference at BJP headquarters, New Delhi.https://t.co/oXMMGtEFpX
— BJP (@BJP4India) September 22, 2026
हालांकि, अदालत का मौजूदा आदेश किसी आरोप को साबित करने वाला फैसला नहीं है। अदालत ने केवल पहले के आदेश को रद्द करते हुए शिकायत पर कानून के अनुसार नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 29 सितंबर 2026 को ACJM अदालत में होने की बात सामने आई है।
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