होम वंदे मातरम के छह अंतरे अनिवार्य करने के कानून पर सुप्रीम कोर्ट में घमासान, SG की टिप्पणी पर भड़के वरिष्ठ वकील

समाचारदेश Alert Star Digital Team Sep 22, 2026 12:52 PM

वंदे मातरम के छह अंतरे अनिवार्य करने के कानून पर सुप्रीम कोर्ट में घमासान, SG की टिप्पणी पर भड़के वरिष्ठ वकील

सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्र गीत वंदे मातरम के छह अंतरे गाने को अनिवार्य करने वाले कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकीलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

वंदे मातरम के छह अंतरे अनिवार्य करने के कानून पर सुप्रीम कोर्ट में घमासान, SG की टिप्पणी पर भड़के वरिष्ठ वकील

सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्र गीत वंदे मातरम के छह अंतरे गाने को अनिवार्य करने वाले कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकीलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। यह याचिका मैग्सेसे पुरस्कार विजेता और कन्नड़ संगीतकार टी. एम. कृष्णा ने दाखिल की है।

सुप्रीम कोर्ट में SG की टिप्पणी पर हुआ विवाद

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कानून बनाना नक्सलियों के हिसाब से नहीं होना चाहिए। सॉलिसिटर जनरल की इस टिप्पणी पर सीनियर एडवोकेट डॉ. एस. मुरलीधर ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि उन्हें यह बात वापस लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, "यह लाइव चल रहा है. यह गैर-जरूरी था. कुछ मर्यादा बनाए रखनी चाहिए. हम कानून के अधिकारियों से ऐसी उम्मीद नहीं करते."

इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और सीनियर एडवोकेट मुरलीधर के बीच तीखी बहस हुई। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस जे बागची ने कहा कि हमने इस पर ध्यान नहीं दिया है।

इसके बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, "मैंने जो कहा है उसे मैं दोहरा सकता हूं. कानून के हिसाब से ही चलना होता है. मैंने जो कहा, उसके लिए मुझे कोई अफ़सोस नहीं है." इस पर वरिष्ठ वकील मुरलीधर ने कहा, "वो फिर से वही बात दोहरा रहे हैं. अब मुझे कड़ा विरोध दर्ज कराना होगा."

इसके बाद सीनियर वकील संजय हेगड़े ने कहा, "सोचने का मतलब नक्सली होना नहीं है." जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने इस बहस में दखल देते हुए संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत एक ऐसे व्यक्ति को भी समान अधिकार प्राप्त हैं जिस पर आतंकवादी होने का आरोप हो।

सुप्रीम कोर्ट में टीएम कृष्णा ने क्यों दी चुनौती?

मैग्सेसे पुरस्कार विजेता और कन्नड़ संगीतकार टीएम कृष्णा ने राष्ट्र गीत वंदे मातरम को पूरा गाने के नियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में उनका कहना है कि वंदे मातरम के जिन चार स्टैंजा को अब जोड़ा गया है, वे धार्मिक प्रकृति के हैं। इसके साथ ही राष्ट्रगीत के अपमान के लिए दंड का प्रावधान भी किया गया है।

याचिका में वंदे मातरम के छह अंतरे गाने को अनिवार्य बनाने वाले कानून को चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्र गीत क्या होना चाहिए, यह तय करना कोर्ट का काम नहीं है। हालांकि, राष्ट्र गीत के अपमान पर दंड के प्रावधान को लेकर कोर्ट सुनवाई करेगा।

12 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की कॉपी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को सौंपते हुए केंद्र सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्र गीत क्या हो, यह तय करना उसका काम नहीं है, लेकिन दंड के प्रावधान के मामले पर सुनवाई की जाएगी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)