होम Train Attack Case में Shankaracharya Avimukteshwaranand को बड़ी राहत! जांच में फर्जी निकले आरोप का दावा

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Jun 18, 2026 09:23 PM

Train Attack Case में Shankaracharya Avimukteshwaranand को बड़ी राहत! जांच में फर्जी निकले आरोप का दावा

प्रयागराज में चर्चित ट्रेन हमले के मामले में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी राहत मिलने की खबर सामने आई है।

Train Attack Case में Shankaracharya Avimukteshwaranand को बड़ी राहत! जांच में फर्जी निकले आरोप का दावा

प्रयागराज में चर्चित ट्रेन हमले के मामले में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी राहत मिलने की खबर सामने आई है। शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी की ओर से जारी विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि मामले की जांच में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं पाए गए हैं और उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। हालांकि, दूसरी ओर जीआरपी ने अभी तक इस संबंध में किसी आधिकारिक पुष्टि से इनकार किया है, जिससे मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद उस समय शुरू हुआ था जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके ऊपर ट्रेन में जानलेवा हमला करवाया गया।

आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, 8 मार्च 2026 को वह गाजियाबाद से प्रयागराज जाने के लिए रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे थे। उनका दावा था कि सुबह करीब 5 बजे सिराथू रेलवे स्टेशन के पास एक अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की। इस घटना के बाद उन्होंने शंकराचार्य और उनके सहयोगियों पर साजिश रचने का आरोप लगाया था।

जांच में आरोप फर्जी पाए जाने का दावा

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि मामले की जांच के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि जांच में पूरा मामला फर्जी पाया गया और शंकराचार्य को क्लीन चिट दे दी गई है।

इस दावे के बाद शंकराचार्य समर्थकों ने इसे सच की जीत बताया है, जबकि विरोधी पक्ष की ओर से अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जीआरपी ने नहीं की आधिकारिक पुष्टि

मामले में नया मोड़ तब आया जब जीआरपी प्रयागराज के एसपी प्रशांत वर्मा ने इस संबंध में किसी भी आधिकारिक जानकारी होने से इनकार कर दिया। उन्होंने न तो मामले को फर्जी बताए जाने की पुष्टि की और न ही फाइनल रिपोर्ट दाखिल किए जाने की जानकारी दी।

जीआरपी के इस रुख के बाद मामले को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है और अब सभी की नजर पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

पहले भी विवादों में रहे हैं शंकराचार्य

गौरतलब है कि माघ मेले के दौरान शाही स्नान को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद सुर्खियों में रहा था। उस दौरान उनके समर्थकों और बटुकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। विरोध स्वरूप शंकराचार्य कई दिनों तक धरने पर भी बैठे रहे थे।

इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया था। इसी बीच आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर बच्चों के साथ यौन शोषण के आरोप भी लगाए थे, जिनको लेकर भी विवाद गहराया था।

आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल शंकराचार्य पक्ष की ओर से क्लीन चिट मिलने का दावा किया गया है, लेकिन पुलिस की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में इस मामले में अंतिम स्थिति तब स्पष्ट होगी जब जांच एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से सामने आएगी।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)