होम Kanpur में CM Yogi का बड़ा संदेश: ‘गोमाता को कटने नहीं देंगे’, प्राकृतिक खेती और किसानों को लेकर कही बड़ी बात
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ में हिस्सा लेते हुए गोसंरक्षण, प्राकृतिक खेती, किसानों की आय और देश की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ में हिस्सा लेते हुए गोसंरक्षण, प्राकृतिक खेती, किसानों की आय और देश की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि गोमाता की रक्षा की जाएगी और देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग गाय का दूध तो लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें बेसहारा छोड़ देते हैं। जब यही पशु फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं तो सरकार को दोष दिया जाता है।
उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प व संस्कार है कि गोमाता को कटने नहीं देंगे और देश की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे.”
मुख्यमंत्री ने सिख गुरुओं के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि गुलामी के दौर में गोहत्या करने वालों के खिलाफ सिख वीरों ने साहसिक संघर्ष किया था।
सीएम योगी ने कहा कि भारत में सनातन परंपरा का पालन करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं होगा जो गोमाता को सम्मान न देता हो। उन्होंने कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की भी महत्वपूर्ण आधारशिला है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, गोआधारित प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ गोसंरक्षण को भी मजबूत करती है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भारत की आर्थिक यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पहले भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाता था, लेकिन विदेशी मॉडल की नकल और अपनी पारंपरिक ताकतों से दूरी बनाने के कारण देश की आर्थिक हिस्सेदारी लगातार कम होती चली गई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में किसानों, युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों पर भरोसा बढ़ा है, जिसका परिणाम देश की तेज आर्थिक प्रगति के रूप में दिखाई दे रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 से पहले किसानों को अधिक लागत और कम आय की समस्या का सामना करना पड़ता था। उत्पादन लागत बढ़ रही थी, जबकि फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को उनकी लागत का न्यूनतम डेढ़ गुना मूल्य देने की गारंटी दी और कृषि क्षेत्र में कई योजनाएं शुरू कीं, जिनसे किसानों को लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री ने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि इनके अत्यधिक प्रयोग का असर न केवल खेती पर बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से किसानों की लागत कम होगी और मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर बनेगी। उनके अनुसार, गोबर और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से तैयार जीवामृत खेती को अधिक टिकाऊ और लाभदायक बना सकता है।
सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है। प्रदेश के 34 जिलों में इस मॉडल को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गंगा किनारे स्थित 27 जिलों और बुंदेलखंड के 7 जिलों को प्राकृतिक खेती के लिए विशेष रूप से चिन्हित किया गया है। सरकार उत्पादों के सर्टिफिकेशन, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर भी काम कर रही है ताकि किसानों को बेहतर बाजार मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 7700 से अधिक गोशालाओं में 14 लाख से ज्यादा गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सहभागिता योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गोवंश पालन करने वाले किसानों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
उनके मुताबिक, एक गोवंश के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह और चार गोवंश पर 6000 रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गांवों, किसानों और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास किसानों, व्यापारियों, कारीगरों और युवाओं की समृद्धि से जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसान मजबूत होगा, गांव आत्मनिर्भर बनेंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा, तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकटों और ऊर्जा चुनौतियों के बावजूद भारत मजबूती से आगे बढ़ रहा है, जबकि विपक्ष केवल आलोचना करने में लगा हुआ है।
उन्होंने कहा, “विपक्ष का काम सिर्फ चिल्लाना है और चिल्लाता ही रहेगा.”
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, किसान उत्पादक संगठन (FPO) के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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