होम मैं नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हूं.., इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले शंकराचार्य की हुंकार

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेशवायरल न्यूज़ Alert Star Digital Team Feb 27, 2026 09:32 PM

मैं नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हूं.., इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले शंकराचार्य की हुंकार

यौन उत्पीड़न (POCSO) जैसे गंभीर आरोपों में घिरे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से ठीक पहले एक बड़ा बयान दिया है।

मैं नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हूं.., इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले शंकराचार्य की हुंकार

यौन उत्पीड़न (POCSO) जैसे गंभीर आरोपों में घिरे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से ठीक पहले एक बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह खुद को निर्दोष साबित करने के लिए 'नार्को टेस्ट' (Narco Test) समेत किसी भी वैज्ञानिक जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

'सच्चाई के लिए जो जरूरी हो, वो अपनाएं'

शंकराचार्य ने आत्मविश्वास के साथ कहा, "यदि नार्को टेस्ट से सच्चाई सामने आ सकती है, तो यह अवश्य किया जाना चाहिए। सच उजागर करने के लिए जो भी तरीके उपलब्ध हैं, उन्हें अपनाया जाना चाहिए। झूठ ज्यादा दिन नहीं टिकता और झूठी कहानी गढ़ने वाले अब बेनकाब हो रहे हैं।"

मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस की भूमिका पर दागे तीखे सवाल:

अपने बचाव में शंकराचार्य ने कई अहम और तार्किक सवाल खड़े किए हैं:

  • मेडिकल रिपोर्ट से मेरी संलिप्तता कैसे सिद्ध? उन्होंने कहा, "कहा जा रहा है कि मेडिकल रिपोर्ट में दुराचार की पुष्टि हुई है। अगर कोई गलत घटना हुई भी है, तो इससे यह अपने आप कैसे सिद्ध हो जाता है कि इसके लिए मैं जिम्मेदार हूं? जो बच्चा कभी हमारे पास आया ही नहीं, उसे हमारे नाम से जोड़ना इतना आसान नहीं है।"
  • बच्चों को किशोर गृह क्यों नहीं भेजा? उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित बच्चों को शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी (पांडे) के साथ हरदोई के एक होटल में रखा गया था। उन्हें नियमानुसार 'किशोर गृह' (Juvenile Home) क्यों नहीं भेजा गया?
  • पुलिस पर आरोप: उन्होंने पुलिस पर शिकायतकर्ता को संरक्षण देने और बच्चों को सिखा-पढ़ाकर बयान दर्ज कराने (Tutoring) का गंभीर आरोप लगाया।

'एपस्टीन फाइल्स' से ध्यान भटकाने की अंतरराष्ट्रीय साजिश

शंकराचार्य ने इस पूरे मामले को एक 'मनगढ़ंत साजिश' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि यह सब ज्योतिर्मठ और उन्हें बदनाम करने के साथ-साथ, दुनियाभर में तहलका मचाने वाली 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) के मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने का एक प्रयास है। उन्होंने साफ किया कि शिकायतकर्ताओं से उनका या उनके गुरुकुल का कोई संबंध नहीं है।

बता दें कि शुक्रवार दोपहर करीब 3:45 बजे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी तय की गई थी। इस बीच मठ में भारी गहमागहमी रही, लेकिन स्वामी जी अपनी नियमित पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियों में शांत भाव से शामिल हुए।

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