होम सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब, राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग पर नोटिस जारी
सुप्रीम कोर्ट ने राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह याचिका पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी ने दायर की थी। उन्होंने दलील दी कि राम सेतु का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है..
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह याचिका पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी ने दायर की थी। उन्होंने दलील दी कि राम सेतु का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, इसलिए इसे स्थायी संरक्षण मिलना चाहिए।
स्वामी की ओर से वरिष्ठ वकील विभा दत्त मखीजा ने कोर्ट में पेश होकर बताया कि 2023 में अदालत ने स्वामी को सरकार को ज्ञापन देने को कहा था। इस निर्देश के बाद उन्होंने केंद्र को दो बार ज्ञापन सौंपा, लेकिन अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इस पर जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने नोटिस जारी कर सरकार से जवाब मांगा।
राम सेतु, जिसे एडम्स ब्रिज भी कहा जाता है, तमिलनाडु के रामेश्वरम और श्रीलंका के मन्नार को जोड़ने वाली लाइमस्टोन की श्रृंखला है। भूगर्भशास्त्रियों का मानना है कि यह कभी पूरी तरह समुद्र से ऊपर थी और उस पर चलकर श्रीलंका जाया जा सकता था।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यह सेतु भगवान राम की वानर सेना ने लंका जाने के लिए बनाया था। दुनिया के कुछ अन्य धर्मों में भी इसे मानव निर्मित संरचना माना गया है।
यूपीए शासनकाल में शुरू की गई सेतु समुद्रम परियोजना के तहत जहाजों का मार्ग बनाने के लिए राम सेतु को तोड़ने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, अदालत के हस्तक्षेप से यह कार्रवाई रोक दी गई। इसके बाद से ही राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग लगातार उठ रही है।
2014 में सत्ता में आने के बाद एनडीए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया था कि राम सेतु को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और सेतु समुद्रम परियोजना के लिए वैकल्पिक रास्ता तलाशा जाएगा। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सरकार इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने पर क्या रुख अपनाएगी।
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