होम राजस्थान में UCC पर बड़ा कदम! भजनलाल सरकार बनाएगी Expert Committee, सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की तैयारी
राजस्थान में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भजनलाल शर्मा सरकार ने राज्य में यूसीसी लागू करने की दिशा में औपचारिक पहल करते हुए विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया है।
राजस्थान में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भजनलाल शर्मा सरकार ने राज्य में यूसीसी लागू करने की दिशा में औपचारिक पहल करते हुए विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया है। यह समिति यूसीसी से जुड़े कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने प्रेस वार्ता के दौरान इस योजना की जानकारी दी। जोगाराम पटेल ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद-44 राज्यों को समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में प्रयास करने का निर्देश देता है। इसी संवैधानिक भावना को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार "राजस्थान समान नागरिक संहिता" पर काम शुरू कर रही है।
उन्होंने कहा कि एक ही राज्य में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून होने के बजाय सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
मंत्री ने बताया कि वर्तमान समय में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य नागरिक मामलों में विभिन्न समुदायों के लिए अलग-अलग कानून लागू हैं। इससे कई बार असमानता की स्थिति उत्पन्न होती है।
सरकार का उद्देश्य ऐसा कानून तैयार करना है जो सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करे और महिलाओं तथा पुरुषों के बीच लैंगिक समानता को भी मजबूत बनाए। इसी उद्देश्य से विशेषज्ञ समिति विभिन्न कानूनी प्रावधानों और सामाजिक प्रभावों का विस्तृत अध्ययन करेगी।
राज्य सरकार द्वारा गठित की जाने वाली समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। यह समिति यूसीसी के सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक प्रभावों का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
जोगाराम पटेल ने कहा कि सरकार इस विषय पर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती और व्यापक अध्ययन के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यूसीसी पर विचार करते समय जनजातीय समाज की परंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संरचना को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जोगाराम पटेल ने कहा कि सरकार संतुलित और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए आगे बढ़ रही है, ताकि किसी भी वर्ग की भावनाओं को ठेस न पहुंचे और सभी पक्षों का सम्मान बना रहे।
प्रेस वार्ता के दौरान जोगाराम पटेल ने कहा कि असम में भी समान नागरिक संहिता को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। राजस्थान सरकार भी इसी विषय पर गंभीरता से कार्य कर रही है और संविधान की भावना के अनुरूप निर्णय लेना चाहती है।
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई और संभावित कानून को लेकर निर्णय करेगी।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि यूसीसी लागू होने से सभी नागरिकों को समानता आधारित कानून का लाभ मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पहल पर यह समिति गठित की जा रही है।
बेढम ने बताया कि समिति स्वतंत्र रूप से कार्य करेगी और आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, पक्ष-विपक्ष के प्रतिनिधियों तथा अन्य संबंधित वर्गों से सुझाव भी ले सकेगी। सरकार समिति को पूरी स्वतंत्रता प्रदान करेगी ताकि वह निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार कर सके।
प्रेस वार्ता के दौरान जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने समान नागरिक संहिता को लेकर कभी गंभीर पहल नहीं की। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार सभी नागरिकों को समान अधिकार दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसुनवाई और जनचौपालों पर की गई टिप्पणियों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री लगातार जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं।
सीमावर्ती इलाकों में चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर पूछे गए सवाल के जवाब में बेढम ने कहा कि यह पूरी तरह सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है और इसमें कोई गलत बात नहीं है।
दोनों मंत्रियों ने दोहराया कि राजस्थान सरकार संविधान के अनुरूप सभी नागरिकों को समान अधिकार देने के उद्देश्य से यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है और विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
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