होम TMC में बगावत के बाद ममता बनर्जी का बड़ा वार! फिरहाद हकीम समेत 8 दिग्गज नेता सस्पेंड, चुनाव आयोग तक पहुंचा विवाद

समाचारदेशराजनीति Alert Star Digital Team Jun 23, 2026 08:19 PM

TMC में बगावत के बाद ममता बनर्जी का बड़ा वार! फिरहाद हकीम समेत 8 दिग्गज नेता सस्पेंड, चुनाव आयोग तक पहुंचा विवाद

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर नेतृत्व को लेकर छिड़ी जंग अब और तेज हो गई है। मंगलवार (23 जून 2026) को ममता बनर्जी गुट ने पार्टी के भीतर बगावत करने वाले नेताओं के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए पूर्व सहयोगी फिरहाद हकीम समेत आठ वरिष्ठ नेताओं को सस्पेंड कर दिया।

TMC में बगावत के बाद ममता बनर्जी का बड़ा वार! फिरहाद हकीम समेत 8 दिग्गज नेता सस्पेंड, चुनाव आयोग तक पहुंचा विवाद

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर नेतृत्व को लेकर छिड़ी जंग अब और तेज हो गई है। मंगलवार (23 जून 2026) को ममता बनर्जी गुट ने पार्टी के भीतर बगावत करने वाले नेताओं के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए पूर्व सहयोगी फिरहाद हकीम समेत आठ वरिष्ठ नेताओं को सस्पेंड कर दिया। इसी बीच पार्टी नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद में चुनाव आयोग की भी एंट्री हो गई है।

नई राष्ट्रीय कार्यसमिति की जानकारी चुनाव आयोग को भेजी गई

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट का दावा है कि उसने दो दिन पहले ही नई राष्ट्रीय कार्यसमिति (NWC) का गठन कर लिया था। गुट के अनुसार, इस नई समिति की जानकारी बागी नेताओं द्वारा समानांतर नेतृत्व की घोषणा किए जाने से कुछ घंटे पहले ही चुनाव आयोग को भेज दी गई थी।

इस घटनाक्रम के बाद टीएमसी में संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर संघर्ष और गहरा हो गया है।

फिरहाद हकीम समेत 8 नेताओं पर कार्रवाई

ममता बनर्जी गुट ने जिन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है, उनमें फिरहाद हकीम, जावेद अहमद खान, अरूप रॉय, रथिन घोष, बिप्लब मित्रा, सबीना यास्मीन, अरूप विश्वास और स्नेहासिस चक्रवर्ती शामिल हैं।

बताया गया है कि इन नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस जारी होने के कुछ घंटों बाद ही पार्टी ने उनके निलंबन की घोषणा कर दी।

बागी गुट ने किया नए नेतृत्व का ऐलान

टीएमसी के बागी खेमे ने सोमवार (22 जून 2026) को पार्टी के लिए नए नेतृत्व की घोषणा की थी। विपक्ष के नेता ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने विधायक अरूप रॉय को ममता बनर्जी की जगह पार्टी अध्यक्ष घोषित कर दिया।

इतना ही नहीं, बागी गुट ने 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन का भी ऐलान किया। हालांकि, इस गुट ने यह भी कहा कि वह चाहता है कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्टी के मार्गदर्शक के रूप में भूमिका निभाएं।

1998 में ममता बनर्जी ने बनाई थी टीएमसी

गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने वर्ष 1998 में कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी। तब से लेकर अब तक वह पार्टी का चेहरा और सर्वोच्च नेता रही हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर शुरू हुआ विवाद बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है।

कुणाल घोष बोले- 'TMC का मतलब ममता बनर्जी है'

टीएमसी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष ने बागी गुट की गतिविधियों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "यह एक हास्यास्पद नाटक है. जिस व्यक्ति को तृणमूल से निष्कासित किया जा चुका है, वह विशेष अधिवेशन आयोजित कर रहा है. मामला कोर्ट में है और हमें न्याय मिलने का भरोसा है. हम ऐसे हास्यास्पद व्यवहार को कोई महत्व नहीं देते. टीएमसी का मतलब ममता बनर्जी है, बाकी सब तमाशा है."

कुणाल घोष के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि ममता बनर्जी गुट बागी नेताओं की दावेदारी को किसी भी स्तर पर स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।

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