होम Rajasthan Rajya Sabha Election: BJP की डबल जीत, कांग्रेस भी खुश! सतीश पूनिया, अलका गुर्जर और नीरज डांगी निर्विरोध चुने गए
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के उम्मीदवारों ने बिना मुकाबले जीत दर्ज कर ली है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया और अलका गुर्जर के साथ कांग्रेस के नीरज डांगी निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित घोषित किए गए।
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के उम्मीदवारों ने बिना मुकाबले जीत दर्ज कर ली है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया और अलका गुर्जर के साथ कांग्रेस के नीरज डांगी निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित घोषित किए गए। नामांकन वापसी और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने तीनों उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी।
राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना था। इन सीटों पर भाजपा ने सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया था, जबकि कांग्रेस ने एक बार फिर नीरज डांगी पर भरोसा जताया।
चूंकि तीन सीटों के लिए केवल तीन ही उम्मीदवार मैदान में थे और सभी के नामांकन वैध पाए गए, इसलिए मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। इसके साथ ही तीनों प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
राज्यसभा चुनाव की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि कांग्रेस सांसद नीरज डांगी तथा भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत और रवनीत बिट्टू का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने जा रहा है।
इस बार भाजपा ने अपने दोनों मौजूदा प्रतिनिधियों की जगह नए चेहरों पर दांव लगाया। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया और उनकी जगह सतीश पूनिया तथा अलका गुर्जर को मौका दिया। वहीं कांग्रेस ने नीरज डांगी को फिर से राज्यसभा भेजने का फैसला किया।
निर्विरोध जीत के बाद भाजपा नेता Satish Poonia ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैं इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाऊंगा."
उन्होंने आगे कहा, "मैंने केवल शपथ ही नहीं ली बल्कि मैं पूरी गरिमा के साथ इस निष्ठा को पूरा भी करूंगा. उच्च सदन में सदस्य के नाते लोक हित के मुद्दों का अच्छे और तार्किक करीके से रखा जाना, पार्टी के विचार को भी पूरी प्रखरता से रखने का भी काम करूंगा. सांसद के नाते क्योंकि एक दायरा बड़ा होता है."
सतीश पूनिया ने अपने राजनीतिक जीवन और सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा, "मैंने जब जीवन की शुरुआत की थी तो सिर्फ वोटों की राजनीति नहीं बल्कि मैंने यह सीखा है कि राजनीति केवल नारों की नहीं सरोकारों की भी होती है. इसलिए मैंने अपनी छात्र राजनीति के जीवन से रक्तदान से लेकर वृक्षारोपण, कोरोना की लड़ाई को लड़ना, दिव्यांगों को सहूलियत देना, समाज के जितने भी अन्य विषय हैं उन मुद्दों को लेकर भी मैं व्यक्तिगत तौर पर भी काम करता रहा हूं वह भी मेरी प्राथमिकता में रहेंगे. इस अवसर के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद."
राजस्थान विधानसभा परिसर में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान सभी उम्मीदवारों के दस्तावेज वैध पाए गए थे। निर्वाचन अधिकारी ने बताया था कि कांग्रेस प्रत्याशी नीरज डांगी के तीन, भाजपा प्रत्याशी अलका गुर्जर के दो और सतीश पूनिया के चार नामांकन पत्रों की जांच की गई थी।
उम्मीदवारों, प्रस्तावकों और निर्वाचन अभिकर्ताओं की मौजूदगी में हुई इस प्रक्रिया में किसी भी नामांकन में कोई त्रुटि नहीं पाई गई, जिसके बाद सभी उम्मीदवारों का निर्वाचन लगभग तय हो गया था।
सतीश पूनिया और अलका गुर्जर की एंट्री के साथ भाजपा ने राजस्थान से अपने प्रतिनिधित्व में बदलाव किया है, जबकि कांग्रेस ने नीरज डांगी पर दोबारा भरोसा जताकर अनुभव को प्राथमिकता दी है। अब ये तीनों नेता उच्च सदन में राजस्थान के मुद्दों को उठाते हुए अपने-अपने दलों का पक्ष मजबूती से रखेंगे।
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