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Raja Murder Case: प्रेम, धोखा और साज़िश, पत्नी ने ही रचा पति की हत्या का खूनी खेल
Raja Murder Case: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। इस निर्मम हत्या की मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि खुद राजा की पत्नी सोनम निकली है। पुलिस ने सोनम के साथ चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में जो कहानी सामने आई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है।
सोनम का राज कुशवाहा नामक युवक से पिछले पांच महीनों से प्रेम संबंध था। सोनम के पिता दिल के मरीज थे और परंपरागत तरीके से बेटी की शादी करना चाहते थे। इस कारण सोनम ने मजबूरी में राजा से विवाह तो कर लिया, लेकिन मन में पहले से ही तय कर लिया था कि वह उसे खत्म कर राज के साथ नई जिंदगी शुरू करेगी। सोनम ने राज से कहा था— "जब मैं विधवा हो जाऊंगी, तब तुम मुझसे शादी कर लेना। तब मेरे परिवार को भी कोई आपत्ति नहीं होगी।"
राजा और सोनम की शादी 11 मई को धूमधाम से हुई थी। दोनों परिवारों में खुशियां थीं, लेकिन सोनम मन ही मन एक खौफनाक योजना बुन रही थी। 16 मई को इंदौर के सुपर कॉरिडोर स्थित एक कैफे में सोनम, राज और उसके तीन दोस्तों— विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी— ने राजा की हत्या की साजिश रची।
रातभर फोन पर सोनम को हत्या की योजना समझाई गई। राज ने अपने साथियों को 50 हजार रुपये, एक कीपैड मोबाइल, एक एंड्रॉइड फोन और नई सिम कार्ड दिए— ये सब चीज़ें सोनम तक पहुंचा दी गईं। शिलांग जाते समय भी सोनम इन्हीं मोबाइल्स से संपर्क में रही।
22 मई को सोनम शिलांग के लिए रवाना हुई, लेकिन राज खुद नहीं गया। उसने अपने साथियों के टिकट कराए और खुद इंदौर में रहकर निर्देश देता रहा। इतना ही नहीं, राजा की हत्या के बाद वह अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ ताकि किसी को शक न हो।
23 मई को सोनम ने अपरा एकादशी का व्रत रखा— एक पवित्र दिन, जिसे पापों से मुक्ति के लिए माना जाता है। लेकिन इसी दिन दोपहर 1:30 बजे राजा की हत्या कर दी गई।
सोनम ने फोटोशूट का बहाना बनाकर राजा को एक सुनसान पहाड़ी क्षेत्र में ले गई। वहां पहले से ही आरोपी छिपे हुए थे। शुरुआत में उन्होंने हत्या से इनकार कर दिया, लेकिन जब सोनम ने उन्हें 20 लाख रुपये देने का लालच दिया, तो वे राजी हो गए।
एक आरोपी आकाश, किराए की दूसरी बाइक से पूरे इलाके पर नजर रख रहा था ताकि कोई आता-जाता न दिखे।
जब आरोपी राजा के पास पहुंचे तो उसने मुकाबला किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण वह कमजोर हो गया। आरोपी विशाल चौहान ने राजा के सिर पर पीछे से वार किया। सोनम ने चिल्लाकर कहा— "मार डालो इसे!" जब आरोपी राजा को खाई में फेंक नहीं पाए, तब खुद सोनम ने उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया। उस वक्त राजा में अब भी जान बाकी थी।
हत्या के समय सोनम ने 15 हजार रुपये आरोपियों को दिए— जो उसने राजा के ही पर्स से निकाले थे। आरोपियों के नाराज़ होने पर बोली— "पूरा पैसा जल्दी मिलेगा।"
हत्या के बाद सोनम और राजा की एक्टिवा 25 किलोमीटर दूर छोड़ी गई और मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिए गए।
हत्या के बाद सभी आरोपी ट्रेन से अपने-अपने घर रवाना हो गए। सोनम वाराणसी गई, जहां से उसके मूवमेंट का अब तक कोई स्पष्ट पता नहीं चल सका था। लेकिन जैसे ही पुलिस ने राज कुशवाहा और अन्य आरोपियों को पकड़ा, सोनम घबरा गई और अकेली गाज़ीपुर पहुंची। वहां एक ढाबे से फोन कर उसने अपने घर बात की, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मेघालय एसआईटी प्रमुख हरबर्त पिनयाय्द खरकोन्गोर ने कहा कि सबूतों से यह साफ है कि यह पूरी तरह से सोची-समझी साजिश थी और इसमें सोनम ही मुख्य भूमिका में थी। ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक स्येम ने बताया कि सोनम की भूमिका स्पष्ट होते ही एमपी और यूपी में दो टीमें रवाना की गई थीं। मेघालय के गृहमंत्री प्रेस्टोन टेनसांग ने भी कहा, "अगर यह केवल लूटपाट होती, तो सोनम को जिंदा क्यों छोड़ा जाता?"
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