होम Mahua Moitra Jantar Mantar: सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचीं महुआ मोइत्रा, बोलीं- बच्चों के खून से नहीं बनाया जा सकता केक
जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन को अब राजनीतिक और सामाजिक समर्थन लगातार मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा भी प्रदर्शन स्थल पहुंचीं और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन को अब राजनीतिक और सामाजिक समर्थन लगातार मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा भी प्रदर्शन स्थल पहुंचीं और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला।
महुआ मोइत्रा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सत्ता के नशे में है और उसे देश में हो रही घटनाओं की चिंता नहीं है।
सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी कथित पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े विवादों पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा, "उनके जन्मदिन का केक हमारे बच्चों के खून से नहीं बनाया जा सकता. उन्हें आपको लेबल न करने दें, आपका एकमात्र लेबल हिंदुस्तानी है. हार मत मानो. अपने मकसद के प्रति सच्चे रहो. जय हिंद."
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चा और तेज हो गई है।
प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक दीपके ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि छात्रों को आतंकवादी कहना गलत है। उनके मुताबिक, छात्र केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
इस आंदोलन को कई राजनीतिक दलों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों का भी समर्थन मिल रहा है। इससे पहले 1 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष भी जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ी नजर आई थीं। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोगों की आवाज अनसुनी करने का आरोप लगाया।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन को फिल्म इंडस्ट्री से भी समर्थन मिला है। अभिनेता प्रकाश राज और अतुल कुलकर्णी ने प्रदर्शनकारियों के पक्ष में अपनी बात रखी।
अतुल कुलकर्णी ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ देश को बेहतर बनाया जा सकता है।
जंतर-मंतर पर पिछले दो सप्ताह से यह प्रदर्शन लगातार जारी है, जिसमें छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और कई राजनीतिक नेता हिस्सा ले रहे हैं। सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
फिलहाल शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन पर केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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