होम Iran Threat: होर्मुज को सैन्य अखाड़ा बनाया तो भुगतने होंगे नतीजे, UK-फ्रांस को ईरान की सख्त चेतावनी
अमेरिका के साथ शांति समझौते पर बातचीत के बीच ईरान ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ब्रिटेन और फ्रांस को चेतावनी देते हुए कहा कि होर्मुज क्षेत्र किसी भी बाहरी सैन्य शक्ति के प्रदर्शन का मंच नहीं है।
अमेरिका के साथ शांति समझौते पर बातचीत के बीच ईरान ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ब्रिटेन और फ्रांस को चेतावनी देते हुए कहा कि होर्मुज क्षेत्र किसी भी बाहरी सैन्य शक्ति के प्रदर्शन का मंच नहीं है। उन्होंने साफ किया कि इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी तटीय देशों की है और क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाली ताकतों को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
ईरान की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया गया।
इस बयान के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि यदि कोई बाहरी शक्ति इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के जरिए खतरा पैदा करती है तो उसे उसके परिणामों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
शनिवार (4 जुलाई 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने संदेश में काजेम गरीबाबादी ने कहा, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र से बाहरी की ताकतों के सैन्य शक्ति-प्रदर्शन का मंच नहीं है. ईरान स्ट्रेट की सुरक्षा का जिम्मेदार देश और सुरक्षा का गारंटर होने के नाते, इस जलमार्ग में किसी भी सैन्य गतिविधि पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ नजर बनाए हुए है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘होर्मुज की सुरक्षा की जिम्मेदारी तटीय देशों की है और जो ताकतें होर्मुज स्ट्रेट के इलाके में खतरा पैदा करेंगी, उन्हें इस दुस्साहस के नतीजों के लिए जिम्मेदार भी ठहराया जाएगा. यह एक गंभीर चेतावनी है.’
تنگه هرمز میدان نمایش نظامی قدرتهای فرامنطقهای نیست. ایران بهعنوان قدرت مسئول و ضامن امنیت تنگه، نسبت به هر حرکت نظامی در این آبراه حساس هشدار میدهد. امنیت هرمز با دولتهای ساحلی است؛ بحرانسازان مسئول پیامدهای ماجراجویی خود خواهند بود؛ این هشدار جدی است. pic.twitter.com/v9n2GdHnb6
— Gharibabadi (@Gharibabadi) July 4, 2026
ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि ओमान ने अपने संप्रभु क्षेत्रीय जलक्षेत्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के साथ सहयोग पर सहमति जताई है।
संयुक्त बयान में कहा गया, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है. इस स्ट्रेट के जरिए सभी देशों के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करना पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है. ओमान के सुल्तान ने ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर यह निश्चित करने पर सहमति जताई है कि उसके संप्रभु जलक्षेत्र में जहाजों का आना-जाना सुरक्षित रहे.’
यूके और फ्रांस ने अपने बयान में यह भी कहा कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर एक मल्टीनेशनल मिलिट्री मिशन तैनात करने के लिए तैयार हैं।
बयान में कहा गया, ‘यूके और फ्रांस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रूप से एक मल्टीनेशनल मिलिट्री मिशन को तैनात करने के लिए भी तैयार हैं. यूके और फ्रांस क्षेत्रीय स्थिरता, सभी देशों की संप्रभुता के सम्मान और वैश्विक सुरक्षा, नौवहन की आजादी और अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा के लिए अपने साझेदारों के साथ गहरा सहयोग बनाए रखने के लिए अपने साझा प्रतिबद्धता को एक बार फिर से स्पष्ट करते हैं.’
ईरान की चेतावनी और ब्रिटेन-फ्रांस की रणनीतिक घोषणा के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और कूटनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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