होम Ram Mandir Donation Row: चंपत राय के बचाव में उतरे संत, बोले- SIT रिपोर्ट आने से पहले किसी को दोषी ठहराना ठीक नहीं
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर संत समाज की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई प्रमुख संतों ने एक स्वर में कहा है कि मामले की जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर संत समाज की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई प्रमुख संतों ने एक स्वर में कहा है कि मामले की जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए। संतों ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराना या क्लीन चिट देना दोनों ही उचित नहीं हैं।
हरिधाम पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य ने राम मंदिर चढ़ावा मामले पर कहा कि एसआईटी पहले से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी जारी है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को घेरना या उसे निर्दोष घोषित करना सही नहीं होगा।
चंपत राय को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह जांच का विषय है और अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आना चाहिए।
जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के हिंदुत्व को लेकर दिए गए बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा और सनातन संस्कृति जैसे मुद्दों पर उनका पुराना रुख किसी से छिपा नहीं है।
उन्होंने कहा कि केवल सनातनी या हिंदू होने का दावा करने से सत्ता हासिल नहीं की जा सकती।
रामदिनेशाचार्य ने कहा कि भगवान श्रीराम सभी भक्तों को अपने दर्शन के लिए बुलाते हैं और जो भी श्रद्धालु अयोध्या आता है, उसका स्वागत है।
उन्होंने कहा कि रामलला जब टेंट में विराजमान थे, तब भी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था अटूट थी और आज भी वैसी ही बनी हुई है। कुछ लोगों के कृत्यों से भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा पर कोई असर नहीं पड़ सकता।
बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास महाराज ने कहा कि अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या कभी कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कारसेवा के दौरान हुए गोलीकांड के बाद भी श्रद्धालुओं का आना नहीं रुका था।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक लोग प्रोपेगेंडा के जरिए सनातन पर सवाल खड़े करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे उन्हें कोई सफलता नहीं मिलेगी।
महंत अवधेश दास ने कहा कि किसी को क्लीन चिट देना उनका अधिकार नहीं है, लेकिन उनका व्यक्तिगत मानना है कि चंपत राय ऐसा कृत्य नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि अत्यधिक विश्वास के कारण निचले स्तर पर गड़बड़ी हुई, जिसका असर पूरे ट्रस्ट और सनातन समाज पर पड़ा। हालांकि उन्होंने दोहराया कि अंतिम फैसला एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद ही स्वीकार किया जाना चाहिए।
वहीं, अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता महंत संजय दास ने कहा कि चंपत राय के इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं उठता। उनके अनुसार अब तक की जांच में निचले स्तर के कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है और एसआईटी लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे चंपत राय की प्रत्यक्ष भूमिका साबित होती हो।
महंत संजय दास ने कहा कि 6 जुलाई को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह अब तक चंपत राय के खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं हुआ है, उसी तरह जांच पूरी होने के बाद भी वे बेदाग साबित होंगे।
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