होम Amarnath Yatra 2026: पंजीकरण गड़बड़ी पर LG मनोज सिन्हा सख्त, बिना वैध परमिट यात्रा करने वालों को दी बड़ी चेतावनी
अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान पंजीकरण में सामने आई शिकायतों के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान पंजीकरण में सामने आई शिकायतों के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को सुचारू बनाए रखने के लिए निर्धारित पंजीकरण प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से बिना वैध यात्रा परमिट के अमरनाथ यात्रा पर न आने की अपील भी की है।
हाल ही में कुछ श्रद्धालुओं ने शिकायत की थी कि जिन्हें पहले 4 जुलाई की यात्रा तिथि आवंटित की गई थी, उनकी तिथि बदलकर 8 अगस्त कर दी गई। इससे कई श्रद्धालुओं के सामने लंबे समय तक रुकने और यात्रा की योजना प्रभावित होने जैसी समस्याएं खड़ी हो गईं।
इन शिकायतों के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिए कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
समीक्षा बैठक में तीर्थयात्रियों की आवाजाही, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, आवास, पंजीकरण और अन्य लॉजिस्टिक तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया।
बैठक में यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना वैध पंजीकरण के यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।
उपराज्यपाल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित सीमा के अनुसार ही रखी जा रही है। इसलिए केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा मंदिर की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी, जिनके पास निर्धारित तिथि के लिए वैध यात्रा पंजीकरण परमिट होगा।
मनोज सिन्हा ने ऐसे श्रद्धालुओं से अपील की, जिनके पास वैध पंजीकरण नहीं है, कि वे फिलहाल अपनी यात्रा कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दें ताकि जम्मू-कश्मीर पहुंचने के बाद उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि यात्रा शुरू करने से पहले अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें और अपनी निर्धारित तिथि के अनुसार वैध यात्रा परमिट प्राप्त करें। बिना पुष्टि किए गए पंजीकरण के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उपराज्यपाल ने यात्रा के दौरान सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों, पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लंगर समितियों, सेवा प्रदाताओं, गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और संतोषजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।
बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात, गृह विभाग और इंटेलिजेंस ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के सीईओ डॉ. मनदीप के. भंडार सहित नागरिक प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा बलों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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