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समाचारविदेश Alert Star Digital Team May 19, 2026 07:12 PM

रहमान गली फिर बनी राम गली! पाकिस्तान में बदले जा रहे पुराने नामों के पीछे क्या है बड़ी वजह?

Pakistan के पंजाब प्रांत में एक बार फिर इतिहास और विरासत को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। पंजाब सरकार ने Lahore की कई ऐतिहासिक सड़कों और गलियों के पुराने नाम बहाल करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद राम गली, लक्ष्मी चौक और कृष्ण नगर जैसे नाम फिर चर्चा में आ गए हैं।

रहमान गली फिर बनी राम गली! पाकिस्तान में बदले जा रहे पुराने नामों के पीछे क्या है बड़ी वजह?

Pakistan के पंजाब प्रांत में एक बार फिर इतिहास और विरासत को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। पंजाब सरकार ने Lahore की कई ऐतिहासिक सड़कों और गलियों के पुराने नाम बहाल करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद राम गली, लक्ष्मी चौक और कृष्ण नगर जैसे नाम फिर चर्चा में आ गए हैं।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य लाहौर की विभाजन-पूर्व सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत को दोबारा जीवित करना है। पिछले कई दशकों में शहर की अनेक सड़कों और मोहल्लों के नाम बदलकर इस्लामी या स्थानीय हस्तियों के नाम पर रख दिए गए थे।

मरियम नवाज की अध्यक्षता में हुई बैठक में मिली मंजूरी

पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री Maryam Nawaz की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। अधिकारी के अनुसार, “कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री मरियम नवाज की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में लाहौर और उसके आसपास के इलाकों की विभिन्न सड़कों और गलियों के मूल और ऐतिहासिक नामों को बहाल करने की योजना को मंजूरी दी गई थी।”

उन्होंने कहा कि यह फैसला शहर की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और ऐतिहासिक पहचान को दोबारा स्थापित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

इन ऐतिहासिक इलाकों के नाम फिर हो सकते हैं बहाल

रिपोर्ट के मुताबिक, जिन इलाकों और सड़कों के नाम दोबारा बहाल किए जाने पर विचार हो रहा है उनमें क्वींस रोड, जेल रोड, डेविस रोड, लॉरेंस रोड, एम्प्रेस रोड, कृष्ण नगर, संत नगर, धरमपुरा, राम गली, लक्ष्मी चौक, जैन मंदिर रोड, मोहन लाल बाजार, भगवान पुरा और शांति नगर जैसे नाम शामिल हैं।

इनमें से कई स्थानों के नाम विभाजन के बाद बदल दिए गए थे। अब पाकिस्तान सरकार इन्हें ऐतिहासिक पहचान के तौर पर दोबारा स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।

नवाज शरीफ कर रहे हैं परियोजना का नेतृत्व

अधिकारी ने बताया कि इस पूरी पहल का नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री Nawaz Sharif कर रहे हैं। वह लाहौर विरासत क्षेत्र पुनरुद्धार परियोजना के प्रमुख भी हैं। उनके प्रस्ताव को हाल ही में पंजाब कैबिनेट की मंजूरी मिली है।

इसके साथ ही मिंटो पार्क में पुराने क्रिकेट मैदानों और पारंपरिक कुश्ती अखाड़े के पुनर्निर्माण का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसे सांस्कृतिक विरासत को दोबारा जीवित करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

क्रिकेट और कुश्ती की ऐतिहासिक विरासत से भी जुड़ा है मिंटो पार्क

मिंटो पार्क के क्रिकेट क्लबों में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान Inzamam-ul-Haq समेत कई खिलाड़ियों ने प्रशिक्षण लिया था। वहीं विभाजन से पहले भारतीय क्रिकेटर Lala Amarnath भी यहां के क्लबों में अभ्यास किया करते थे।

इसके अलावा यहां स्थित कुश्ती अखाड़ा भी काफी प्रसिद्ध रहा है, जहां गामा पहलवान और इमाम बख्श जैसे दिग्गज पहलवानों के मुकाबले आयोजित होते थे। विभाजन से पहले हिंदू समुदाय यहां दशहरा उत्सव भी मनाता था।

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