होम Lucknow में कौशल किशोर का बड़ा बयान: रिश्वत का रेट बढ़ गया, सरकार की छवि पर उठाए सवाल
लखनऊ में भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि थाना, तहसील और सरकारी दफ्तरों में रिश्वत का बोलबाला है और रिश्वत का रेट बढ़ गया है।
लखनऊ में भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि थाना, तहसील और सरकारी दफ्तरों में रिश्वत का बोलबाला है और रिश्वत का रेट बढ़ गया है। कौशल किशोर के मुताबिक, इससे सरकार की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि दूरदराज से परेशान लोग उनसे मिलने आते हैं और रिश्वतखोरी की शिकायत करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी विभागों में जनता की बात सम्मानपूर्वक सुनी जानी चाहिए।
कौशल किशोर रविवार को लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित आत्मसम्मान रैली को संबोधित कर रहे थे। उनके संगठन पारस महासंघ की ओर से आयोजित इस रैली में करीब 25 हजार लोगों के जुटने का दावा किया गया। रैली की खास बात यह रही कि इसमें कोई मुख्य अतिथि नहीं था। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कौशल किशोर ने कहा कि इस कार्यक्रम में जनता ही मुख्य अतिथि है और जनता किंगमेकर है, इसलिए उसका सम्मान जरूरी है।
कौशल किशोर ने देश को विकसित, आत्मनिर्भर, नशामुक्त और अपराधमुक्त बनाने के लिए समान शिक्षा और रोजगारपरक शिक्षा लागू करने की जरूरत बताई। उन्होंने आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने, सीधी भर्ती करने और संविदा कर्मचारियों को नियमित कर पक्की नौकरी देने की मांग उठाई।
उन्होंने आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रसोइया, रोजगार सेवक, शिक्षामित्र, शिक्षा अनुदेशक, पीआरडी जवान, होमगार्ड और बिजली व स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे संविदाकर्मियों के शोषण को बंद करने की मांग की। कौशल किशोर ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा और कर्मचारी आज भी अस्थायी व्यवस्था में काम कर रहे हैं। उन्होंने आउटसोर्सिंग को दास प्रथा का बदला हुआ रूप बताते हुए इसे समाप्त करने और कर्मचारियों की सीधी भर्ती के साथ संविदाकर्मियों को नियमित करने की बात कही।
कौशल किशोर ने सरकारी दफ्तरों, थानों और तहसीलों में आम जनता की शिकायतों को सम्मान के साथ सुने जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता किंगमेकर है और उसका सम्मान करना जरूरी है।
कौशल किशोर ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल को लेकर भी अपनी मांग सामने रखी। उन्होंने कहा, "राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं लगी हैं। इन महापुरुषों से हम प्रेरणा लेते हैं। इसी तरह रानी लक्ष्मीबाई, ऊदा देवी, सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह समेत अन्य महापुरुषों की भी ऊंची प्रतिमाएं लगाकर इसे राष्ट्रव्यापी राष्ट्र प्रेरणा स्थल बनाया जाना चाहिए।"
उन्होंने आत्मसम्मान के मुद्दे को भी रैली से जोड़ा। कौशल किशोर ने कहा, "आत्मसम्मान के लिए कीमत चुकानी पड़ती है। प्रेरणा स्थल की बुकिंग साढ़े तीन लाख रुपए में हुई है। क्या कोई और इतनी राशि देकर इसकी बुकिंग करा सकता है? गेंद को जितना दबाएंगे, वह उतनी ही ऊपर जाएगी। उसी तरह आत्मसम्मान को जितना दबाने की कोशिश करेंगे, वह उतना ही ऊपर उठेगा। आउटसोर्सिंग व्यवस्था में लोगों को पूरा पैसा नहीं मिल पाता है।"
कौशल किशोर ने नशे के खिलाफ अभियान को भी आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने बताया कि उनके बेटे आकाश किशोर जैबी की 19 अक्टूबर 2020 को नशे के कारण मौत हो गई थी। इसी के तहत 19 अक्टूबर को लखनऊ के गांधी भवन सभागार में ‘नशामुक्त, अपराधमुक्त, रोजगारपरक एवं एक समान शिक्षा’ विषय पर विचार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर से प्रतिनिधियों को बुलाने की बात कही गई है।
रैली में समान शिक्षा, रोजगारपरक शिक्षा, नशामुक्त समाज और अपराधमुक्त माहौल जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। मंच पर मलिहाबाद विधायक जयदेवी कौशल सहित विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने रैली को आत्मसम्मान से जोड़ते हुए मंच से मौजूद लोगों से खुद हाथ उठाकर यह बताने को कहा कि वे अपने आप रैली में आए हैं या नहीं। लोगों की प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने अपनी पत्नी और मलिहाबाद से विधायक जयदेवी कौशल का नाम लेते हुए कुछ दिन पहले उनके साथ हुई एक घटना का जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल उस घटना का जिक्र नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि जयदेवी कौशल दो बार से मलिहाबाद की विधायक हैं और आत्मसम्मान रैली सम्मान की बात को लेकर आयोजित की गई है।
मोहनलालगंज विधायक अमरीश रावत ने भी रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "पारख महासंघ के हमारे नेता ने हम लोगो के।अंदर चेतना जगाने का काम किया, आत्म सम्मान के लिए यह रैली आयोजित हुई है। नेता कौशल किशोर के बताए रास्ते पर चलते हुए मैं मोहन लाल गंज का विधायक बन कर जनता की सेवा कर रहा हूं। जो लोग आत्म सम्मान को ठेस पहुचाने का काम करते हैं उन्हें हम सबको मिलकर मुह तोड़ जवाब देना है।"
आत्मसम्मान रैली के दौरान पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर मंच पर पहुंचे। उनके बेटे विकास किशोर भी मंच पर मौजूद रहे। मलिहाबाद विधायक जयदेवी भी रैली में पहुंचीं। मंच पर नेताओं के पहुंचने के साथ ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत का सिलसिला जारी रहा।
रैली स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। मौके पर भारी भीड़ जुटी और कार्यक्रम स्थल पर लगातार लोगों की मौजूदगी बढ़ती रही।
आत्मसम्मान रैली को लेकर कौशल किशोर ने पहले ही इसका उद्देश्य स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा था कि रैली का लक्ष्य एक समान शिक्षा, नशामुक्त शिक्षा, अपराधमुक्त शिक्षा और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देना है, जिससे विकसित, आत्मनिर्भर और नशामुक्त भारत का निर्माण हो सके। इसके लिए उन्होंने लोगों से 13 सितंबर को आत्मसम्मान रैली में शामिल होने की अपील की थी।
राजनीतिक स्तर पर देखें तो कौशल किशोर का प्रभाव लखनऊ की मलिहाबाद, बीकेटी, सरोजनीनगर, मोहनलालगंज और सीतापुर की सिधौली विधानसभा सीट तक माना जाता है। उनकी पत्नी जयदेवी कौशल मलिहाबाद से विधायक हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, 13 सितंबर की आत्मसम्मान रैली केवल सामाजिक मुद्दों को उठाने का मंच नहीं थी, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कौशल किशोर की राजनीतिक सक्रियता और जनाधार को परखने का अवसर भी मानी जा रही है।
2024 लोकसभा चुनाव में मोहनलालगंज सीट से हार के बाद यह रैली समर्थकों को दोबारा लामबंद करने की कोशिश के तौर पर भी देखी जा रही है। जानकारों का मानना है कि यदि संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों, युवाओं तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों की बड़ी भागीदारी सामने आती है, तो कौशल किशोर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता और जनसमर्थन का संदेश देने में सफल हो सकते हैं। हालांकि, रैली की भीड़ को चुनावी वोट में बदलना उनके सामने एक अलग चुनौती होगी।
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