होम BRICS में भारत की बड़ी Diplomatic Win! PM मोदी ने किया ऐलान, सभी 10 प्रस्ताव मंजूर
नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS Summit के दौरान भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। भारत की ओर से पेश किए गए New Delhi Declaration को BRICS सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया है।
नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS Summit के दौरान भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। भारत की ओर से पेश किए गए New Delhi Declaration को BRICS सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक को सार्थक और रचनात्मक बताते हुए घोषणा की कि भारत की तरफ से रखे गए सभी 10 प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS बैठक के दौरान New Delhi Declaration 2026 को स्वीकार करने का प्रस्ताव रखा। इस पर किसी भी सदस्य देश ने आपत्ति नहीं जताई और घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से अपनाया गया। इसे भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'New Delhi Dclaration को स्वीकार करे का प्रस्ताव रखता हूं. न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन को सर्वसम्मति से Adopt किया जाता है. किसी भी सदस्य ने कोई आपत्ति नहीं जताई है. नई दिल्ली दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से अपनाया गया है.'
उन्होंने बैठक को लेकर कहा, 'आज हमारी बैठक सार्थक और रचनात्मक रही. हमारी साझा प्रतिबधता सामने आई है. बदलते हुए विश्व का संचालन पुराने संसाधनों से नहीं किया जा सकता है. तीनों में सुधार की जरूरत है. ग्लोबल साउथ की भागीदारी होना चाहिए. आज Adopt किया गया New Delhi Declaration हमारी साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है.'
Sharing my concluding remarks during the BRICS Summit. pic.twitter.com/PNkEBxAD3O
— Narendra Modi (@narendramodi) September 12, 2026
पीएम मोदी के बयान में वैश्विक संस्थाओं में सुधार और Global South की अधिक भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया गया। भारत की ओर से BRICS के मंच पर वैश्विक शासन व्यवस्था में बदलाव की मांग लगातार प्रमुखता से उठाई गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, BRICS के साझा घोषणापत्र को सर्वसम्मति से मंजूर कराना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लिए अहम कूटनीतिक उपलब्धि है। BRICS बैठक के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार और स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने की भारत की मांग को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और स्थायी सदस्यता के विस्तार की वकालत करता रहा है। ऐसे में BRICS के साझा दस्तावेज में वैश्विक संस्थाओं में सुधार और निर्णय लेने की प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी की बात सामने आना भारत के लिए महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, UNSC में केवल पांच स्थायी सदस्यों के पास मौजूदा विशेष अधिकारों और वैश्विक निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने की जरूरत पर सहमति बनना भी अहम कदम है। चीन के सामने भारत की ओर से इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाना नई दिल्ली की कूटनीतिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है।
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