होम Iran-US Deal की बड़ी खबर! परमाणु हथियार छोड़ने को तैयार ईरान, 25 अरब डॉलर की संपत्ति होगी रिलीज?
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते (MOU) के अंतिम मसौदे में परमाणु कार्यक्रम, तेल प्रतिबंधों में राहत और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सहमति बनने की बात कही गई है।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते (MOU) के अंतिम मसौदे में परमाणु कार्यक्रम, तेल प्रतिबंधों में राहत और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सहमति बनने की बात कही गई है। यदि यह समझौता आगे बढ़ता है तो पश्चिम एशिया की राजनीति और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि अमेरिका के साथ तैयार किए गए MOU के अंतिम ड्राफ्ट में कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इनमें तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से लेकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के संचालन से जुड़े बिंदु भी शामिल हैं।
अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक सहमति बनने के बाद अगले 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की शर्तों पर विस्तृत बातचीत की जाएगी। दोनों पक्ष फिलहाल एक अंतरिम व्यवस्था पर सहमत होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
सामने आई जानकारी के अनुसार, ईरान ने सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल दिया है। साथ ही अमेरिका ने भी ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने पर सहमति जताई है।
इस कदम को वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका इस बात पर सहमत हुआ है कि अंतिम समझौता होने तक ईरान पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। इसके अलावा एक निर्धारित अवधि के लिए ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में भी ढील दी जाएगी, जिससे तेहरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने और राजस्व अर्जित करने का अवसर मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, अमेरिका ईरान की करीब 25 अरब डॉलर की रुकी हुई संपत्तियों को जारी करने पर भी सहमत हुआ है। इसके लिए नकद हस्तांतरण, क्षेत्रीय सहयोग तंत्र और वित्तीय क्रेडिट लाइन जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान इस बात पर सहमत हुआ है कि वह न तो परमाणु हथियार विकसित करेगा और न ही उसे हासिल करने की कोशिश करेगा। अंतिम समझौता होने तक तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति बनाए रखने के लिए भी तैयार हुआ है।
इसमें यूरेनियम संवर्धन को आगे न बढ़ाना और परमाणु सुविधाओं के विस्तार पर रोक जैसी शर्तें शामिल बताई जा रही हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कम करने की दिशा में कदम उठाएगा। इस प्रक्रिया और इसके तौर-तरीकों पर अगले 60 दिनों के भीतर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
यदि दोनों देशों के बीच यह समझौता अंतिम रूप लेता है, तो वर्षों से चले आ रहे तनाव में कमी आने के साथ-साथ वैश्विक तेल बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
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