होम TMC में बड़ा सियासी भूचाल! बागी सांसदों ने किया शक्ति प्रदर्शन, काकोली घोष बोलीं- स्पीकर से अलग गुट की मान्यता मांगेंगे
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी असंतोष अब खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है। पार्टी के बागी सांसदों ने रविवार (14 जून, 2026) को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक कर आगामी रणनीति पर चर्चा की।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी असंतोष अब खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है। पार्टी के बागी सांसदों ने रविवार (14 जून, 2026) को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक कर आगामी रणनीति पर चर्चा की। इस घटनाक्रम को टीएमसी नेतृत्व, खासकर ममता बनर्जी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।
रविवार को हुई बैठक में टीएमसी के असंतुष्ट सांसद शामिल हुए। इस बैठक के बाद पार्टी के भीतर अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिशों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बागी खेमे के नेताओं का मानना है कि अब वे संसद में अपनी अलग राजनीतिक स्थिति को औपचारिक रूप देना चाहते हैं।
बैठक के बाद टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "हम कल सोमवार (15 जून, 2026) को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के मुलाकात करेंगे और उनसे एक अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग करेंगे."
काकोली घोष दस्तीदार के इस बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि बागी सांसद अब पार्टी नेतृत्व से अलग अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यदि लोकसभा स्पीकर के समक्ष उनकी मांग पर विचार होता है, तो यह टीएमसी की संसदीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है।
पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक सत्ता में रही ममता बनर्जी की पार्टी पहले भी आंतरिक असंतोष की खबरों से जूझती रही है, लेकिन बागी सांसदों का अलग गुट बनाने की दिशा में कदम बढ़ाना पार्टी के लिए नई चुनौती बन सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का असर राष्ट्रीय और राज्य स्तर की राजनीति दोनों पर देखने को मिल सकता है।
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