होम अमेरिका-इजरायल को पहले देनी होगी गारंटी, PM मोदी से बातचीत में ईरानी राष्ट्रपति ने रखी युद्ध रोकने की बड़ी शर्त

समाचारविदेश Alert Star Digital Team Mar 21, 2026 09:49 PM

अमेरिका-इजरायल को पहले देनी होगी गारंटी, PM मोदी से बातचीत में ईरानी राष्ट्रपति ने रखी युद्ध रोकने की बड़ी शर्त

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने शनिवार (21 मार्च 2026) को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर बातचीत की.

अमेरिका-इजरायल को पहले देनी होगी गारंटी, PM मोदी से बातचीत में ईरानी राष्ट्रपति ने रखी युद्ध रोकने की बड़ी शर्त

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने शनिवार (21 मार्च 2026) को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर बातचीत की। इस वार्ता में दोनों नेताओं ने भारत-ईरान द्विपक्षीय संबंधों के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की। खास तौर पर अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाइयों के मुद्दे पर विचार-विमर्श हुआ।

ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया, हमलों को बताया गैर-कानूनी

पीएम मोदी से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पेजेशकियान ने हमलों और सैन्य कार्रवाइयों के विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखते हुए कहा कि ईरान ने इस युद्ध की शुरुआत नहीं की थी। उनके अनुसार, बिना किसी वैध कारण, तर्क या कानूनी आधार के परमाणु वार्ताओं के दौरान ही ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए गए।

उन्होंने बताया कि इन हमलों में इस्लामिक क्रांति के सर्वोच्च नेता, वरिष्ठ सैन्य कमांडर और कई निर्दोष नागरिकों की मौत हुई, जिनमें स्कूली बच्चे भी शामिल थे। हमलों के कारण देश के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा। आरोप लगाया गया कि अमेरिका ने पड़ोसी देशों में मौजूद अपने सैन्य ठिकानों से मिनाब के एक स्कूल को निशाना बनाया, जिसमें 168 निर्दोष स्कूली बच्चों की मौत हो गई।

‘जब अमेरिका-इजरायल गारंटी दें कि अब...’ युद्ध रोकने की शर्त

राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा कि ईरान वैश्विक नेताओं के साथ फोन या आमने-सामने बातचीत के लिए हमेशा तैयार है, ताकि उसके शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम की निगरानी और सत्यापन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने पश्चिम एशियाई देशों के सहयोग से बिना बाहरी हस्तक्षेप के क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा बनाने का प्रस्ताव भी रखा।

उन्होंने स्पष्ट कहा, "क्षेत्र में युद्ध और संघर्ष को खत्म करने के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि अमेरिका और इजरायल तुरंत अपनी आक्रामकता रोकें और साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की गारंटी भी दें."
इसके साथ ही उन्होंने BRICS की भारत के पास मौजूद बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता का उल्लेख करते हुए समूह से ईरान के खिलाफ आक्रामकता रोकने और क्षेत्रीय व वैश्विक शांति बनाए रखने में स्वतंत्र भूमिका निभाने की अपील की।

पीएम मोदी ने जताई चिंता, ऊर्जा ढांचे पर हमलों की निंदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे पर किसी भी प्रकार के हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले वैश्विक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ दुनिया भर में कृषि निर्यात पर गंभीर असर डाल सकते हैं।

पीएम मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा बनाए रखने और फारसी खाड़ी में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध का रास्ता किसी के हित में नहीं है और सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांति की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

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