होम यूपी के इस जिले में नहीं होगी ईद की खुशियां, काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ेगा शिया समाज, जानें वजह

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Mar 20, 2026 07:24 PM

यूपी के इस जिले में नहीं होगी ईद की खुशियां, काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ेगा शिया समाज, जानें वजह

देशभर में जहां ईद-उल-फितर की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले से एक अलग तस्वीर सामने आई है। जिले के नसीरगंज क्षेत्र में शिया समुदाय ने इस वर्ष ईद का त्योहार पारंपरिक तरीके से नहीं मनाने का फैसला लिया है।

यूपी के इस जिले में नहीं होगी ईद की खुशियां, काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ेगा शिया समाज, जानें वजह

देशभर में जहां ईद-उल-फितर की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले से एक अलग तस्वीर सामने आई है। जिले के नसीरगंज क्षेत्र में शिया समुदाय ने इस वर्ष ईद का त्योहार पारंपरिक तरीके से नहीं मनाने का फैसला लिया है। समुदाय के लोगों ने घोषणा की है कि वे खुशी का जश्न नहीं मनाएंगे बल्कि शोक के माहौल में सादगी के साथ नमाज अदा करेंगे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस निर्णय के पीछे उनके धार्मिक रहबर अयातुल्लाह अली शिस्तानी की मौत को कारण बताया जा रहा है। समुदाय का कहना है कि हालिया हमलों में उनकी मृत्यु के बाद शिया समाज शोक में है, इसलिए इस साल ईद को उत्सव के रूप में नहीं मनाया जाएगा। ईद-उल-फितर की नमाज काली पट्टी बांधकर और बेहद सादगी के साथ पढ़ने का निर्णय लिया गया है।

शोक में मनाई जाएगी ईद की नमाज

नसीरगंज स्थित शिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना तुफैल अब्बास साहब ने कहा, "अयातुल्लाह अली शिस्तानी ईरान के नेता ही नहीं बल्कि हम लोगों के रहबर भी थे. हम लोग उन्हें अपना पेशवा और रहबर मानते थे और उनकी मौत पर हम इस साल जश्न और ईद की खुशिया नहीं मनाएंगे."

समुदाय के लोगों का कहना है कि उनके लिए यह समय खुशी मनाने का नहीं बल्कि शोक और श्रद्धांजलि देने का है।

समुदाय के लोगों ने बताई भावनात्मक वजह

स्थानीय निवासी नाजिम हैदर ने कहा, "जिस तरह हिंदू समुदाय में शंकराचार्य, ईसाई धर्म में पॉप होते हैं. इसी तरह शिया समुदाय में पूरी दुनिया का एक रहबर होता हैं जिनके कहना पूरी दुनिया के शिया समुदाय मानते हैं. उन्हें अमेरिका और इसराइल ने निर्मम हत्या कर दी जिससे हम इस साल खुशियों का त्योहार ईद नहीं मानेंगे."

वहीं वकार हैदर ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "इंसानियत के दुश्मन अमेरिका और इजरायल ने मजलूमों की मदद करने वाले आयतुल्लाह शिस्तानी की हत्या की है जिसका हम शोक मना रहे हैं अभी उन्हें सुपुर्दे खाक भी नही किया गया और जिन 170 मासूम बच्चों की अमेरिका ने हत्या कर दी है उनके घर में ईद नहीं मन रही है तो हम कैसे ईद मनाएंगे."

सादगी और शांति के साथ होगी नमाज

शिया समुदाय ने स्पष्ट किया है कि ईद-उल-फितर की नमाज जरूर अदा की जाएगी, लेकिन बिना किसी उत्सव, जश्न या सार्वजनिक कार्यक्रम के। नमाज के दौरान लोग काली पट्टी बांधकर शोक प्रकट करेंगे और दिवंगत धार्मिक नेता को श्रद्धांजलि देंगे।

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