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समाचारराजनीतिप्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Apr 18, 2026 07:53 PM

महिला आरक्षण की आड़ में सियासी खेल? इकरा हसन का बड़ा आरोप, केंद्र की नीयत पर उठाए सवाल

लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित न होने के बाद सियासत गरमा गई है। Iqra Hasan ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिला आरक्षण बिल की आड़ में चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश की, जिसे विपक्ष ने विफल कर दिया।

महिला आरक्षण की आड़ में सियासी खेल? इकरा हसन का बड़ा आरोप, केंद्र की नीयत पर उठाए सवाल

लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित न होने के बाद सियासत गरमा गई है। Iqra Hasan ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिला आरक्षण बिल की आड़ में चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश की, जिसे विपक्ष ने विफल कर दिया।

“नापाक मंसूबे हुए फेल”—इकरा हसन

सपा सांसद ने कहा, "हम जश्न मनाएंगे क्योंकि इनके नापाक मंसूबे फेल हो गए. इन्होंने महिला आरक्षण बिल की आड़ में, जो बिल एक बार पास हो गया है उसके साथ एक ऐसा संशोधन विधेयक शामिल करके लाए जिसके जरिए ये अपने हिसाब से इलेक्टोरल मैप को बदल सकें. ये अपनी सत्ता को मजबूत करने के लिए ये कारनामे कर रहे थे तो उसको हमने फेल किया है. इसके लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी."

डिलिमिटेशन जोड़ने पर उठाए सवाल

Samajwadi Party की सांसद इकरा हसन ने कहा, "डिलिमिटेशन और सेंसस- इन दोनों को इन्होंने महिला आरक्षण बिल के साथ जोड़ दिया, जिसकी कोई आवश्यकता नहीं थी. हम सरकार से आग्रह करते हैं कि महिला आरक्षण विधेयक को जल्द से जल्द लागू करें. 2029 में चाहे सीटें बढ़े या न बढ़े, 543 सीट पर वो 33 फीसदी आरक्षण दे. विपक्ष का एक भी व्यक्ति उनके खिलाफ नहीं होगा."

“सरकार की नीयत ठीक नहीं”

उन्होंने केंद्र की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, "महिला आरक्षण पर हम सब उनका साथ देंगे लेकिन उनकी नीयत ही ठीक नहीं है. ये बिल 2023 में पास हुआ था, वो चाहते तो इसे 2024 में लागू कर सकते थे. उन्होंने रातों रात डिमोनेटाइजेशन कर दी थी. ऐसा नहीं है कि कोई भी कानून लागू करने के लिए इनके पास संसाधन नहीं हैं. ये चाहते ही नहीं हैं. इन्होंने तीन साल पुराने बिल की परसों ही नोटिफिकेशन जारी की है. ये किसे बरगला रहे हैं. क्या इस देश की जनता या महिलाएं नहीं समझ रही हैं?"

महंगाई और खर्च पर भी हमला

इकरा हसन ने आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा, "देश की महिलाएं आज चूल्हे जलाने के लिए मजबूर हैं, जिन्हें गैस सिलेंडर की परेशानी हो रही है. महिलाओं को कई तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है. महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले बढ़ रहे हैं. सरकार लगातार ऐसे मुद्दे ला रही है, पहले वंदे मातरम पर उन्होंने 10 दिन का डिबेट कराया था. अब इन्होंने उस बिल पर डिबेट कराया जो पहले ही पास हो चुका था. ये जनता के पैसे को बर्बाद कर रहे हैं. एक दिन सदन चलाने में साढ़े नौ करोड़ रुपये खर्च होते हैं. ये बेबुनियाद बातों पर जनता का पैसा खर्च कराते हैं, जब इस देश में जब महंगाई चरम पर है, लोगों को गैस सिलेंडर तक नहीं मिल रहा है."

महिला आरक्षण लागू करने की मांग

सपा सांसद ने अंत में सरकार से मांग की कि महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल सके और उनकी भागीदारी बढ़े।

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