होम महंगाई ने निचोड़ कर रख दी जेब, 22 साल में 400 तक बढ़ीं कीमतें

समाचारदेशप्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Apr 23, 2022 10:04 PM

महंगाई ने निचोड़ कर रख दी जेब, 22 साल में 400 तक बढ़ीं कीमतें

महंगाई ने निचोड़ कर रख दी जेब, 22 साल में 400 तक बढ़ीं कीमतें

महंगाई ने निचोड़ कर रख दी जेब, 22 साल में 400 तक बढ़ीं कीमतें

महंगाई की मार ने पूरे घर का बजट बिगाड़ दिया है। ऐसा कोई सेक्टर नही बचा, जो महंगाई की आग से झुलस न रहा हो। सुबह ब्रश से लेकर रात की दवा तक, नाश्ते से लेकर डिनर, घर से लेकर आफिस तक की जिंदगी में काम आने वाली हर चीज 100 से 400 फीसदी तक महंगी हो चुकी है। रही सही कसर पेट्रोल-डीजल ने पूरी कर दी है। महज दो महीने में 12 रुपये लीटर की वृद्धि ने ट्रांसपोर्टरों की कमर तोड़ दी है। इसका सीधा असर आम जनजीवन पर व्यापक रूप से पड़ा है।साल 2000 से तुलना करें तो जिस रफ्तार से महंगाई बढ़ी है, उतनी तेज लोगों की आय नहीं बढ़ी है। आय और व्यय के बीच बढ़ती खाई के कारण ही लोग परेशान हैं। गरीब वर्ग के लिए दाल-रोटी जुटाना मुश्किल है। मिडिल क्लास लगातार अपने जरूरत के खर्चों में भी कैंची चला रहा है।नयागंज के थोक व्यापारी और कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष रोशन लाल अरोड़ा ने बताया कि पेट दर्द-गैस भगाने वाला एसिडिटी पाउच तीन से 9 रुपये का हो गया है। बालों को रंगने वाली डाई का छोटा पाउच 5 से 35 रुपये का हो गया है। 50 ग्राम का ब्रांडेड टूथपेस्ट से 25 रुपये और 100 ग्राम का 20 से 60 का हो गया है। उन्होंने बताया कि हेयर आयल की 16 रुपये वाली छोटी शीशी 45 रुपये की और 100 एमएल की शीशी 29 से 75 रुपये की बिक रही है। एक बड़े ब्रांड की 250 ग्राम चाय 65 से उछलकर 175 रुपये की हो चुकी है। वहीं एंटीसेप्टिक साबुन 7 से 35 रुपये का बिक रहा है। सिरदर्द का मलहम 12 से बढ़कर 42 रुपये में है, जबकि बच्चों का पसंदीदा शरबत का पैकेट 20 से बढ़ते-बढ़ते 45 रुपये में पहुंच गया है। एक मशहूर शरबत की बोतल 70 रुपये की थी जो आज 175 रुपये में बिक रही है।महंगाई के कारण अस्पताल में इलाज कराना भी कठिन होता जा रहा है। खासकर गरीब व मध्यम श्रेणी के लोगों के सामने अच्छी सेहत पाना भी किसी बड़ी चुनौती को पार करने से जैसा है।रोजमर्रा की जरूरतों के सामान को महंगाई की आग ने किस कदर झुलसाया है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 22 साल पहले घड़ी वाला सेल 3 रुपये का था, जो आज 12 रुपये का हो गया है। टार्च वाला बड़ा सेल 7 रुपये का था जो आज 30 रुपये का हो गया है।
गेहूं 2007 12 29
चना दाल 2007 25 75
चावल बासमती 2007 42 110
अरहर दाल 2007 34 104
मूंग दाल 2007 38 103
उड़द दाल 2007 40 105
सरसों तेल 2007 58 190
देसी घी 2007 190 400
अंडा 2007 2 06
वनस्पति 2007 60 165
चीनी 2007 18 40
लाल मिर्च 2007 55 185
हल्दी 2007 32 150

नोट: सभी कीमत रुपये प्रति किलोग्राम में हैं। प्रति लीटर

फोन, लैपटाप, पार्ट्स महंगे
मोबाइल फोन, टैबलेट्स, लैपटाप भी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। कोरोना के बाद से इन उत्पादों के दाम 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। चाइना से पार्ट्स की आपूर्ति में कमी की आड़ में गैजेट्स को ठीक कराना भी जेब पर भारी पड़ रहा है। एसेसीरीज से लेकर पार्ट्स के दाम 150 से 2700 रुपये तक बढ़ गए हैं। पिछले दो साल में सबसे सस्ता मोबाइल भी 2000 रुपये महंगा हो गया है।

मनोरजंन भी हो रहा कठिन
घर के बाहर जाना तो महंगा है ही, घर के अंदर रहना भी महंगा हो गया है। 22 साल पहले सिनेमा का टिकट 40 से 100 रुपये के बीच था। आज 200 से 600 रुपये का हो गया है। ये कीमत तब है, जब टिकट पर टैक्स 40 फीसदी से घटकर 18 फीसदी रह गया है। घर में बैठकर केबिल टीवी और ओटीटी प्लेटफार्म देखने में भी जेब कट रही है। 40 फीसदी तक शुल्क बढ़ा दिया गया।

आफत:दाम बढ़ा दिए फिर भी तंगी
निरालानगर रेलवे मैदान के पास रोटी-दाल सब्जी-चावल का ठेला लगाने वाले मंगल को महंगाई ने परेशान कर रखा है। वह अभी तक गरीबों को एक 30 रुपये थाली में खाना खिला रहे थे। थाली में चार रोटी, दाल, सब्जी, चावल आराम से लोग खाते थे। रोटी दो रुपये की अलग से मिल जाती थी। तेल, अनाज व सब्जी की कीमतों में बढोत्तरी ने मंगल को दाम बढ़ाने को मजबूर कर दिया। अब मंगल की थाली 50 रुपये की हो गई है। अलग से रोटी लेने पर 3 रुपये लगते हैं। मंगल कहते है कि लगातार तेल, घी, सब्जी, अनाज के दाम बढ़ने पर पहले रोटी का साइज छोटा किया। दाल भी पतली हो गई। दाम बढ़ते चले गए तो क्वालिटी से समझौता करने के बजाय ग्राहकों को समझा कर दाम बढ़ा दिया। मेहनतकश व आसपास काम करने वाले लोग आते हैं। इससे सामान अच्छा इस्तेमाल करने के लिए दाम बढ़ाने पड़े। परिवार का खर्च दोगुना बढ़ गया है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)