होम ‘कौन सड़क पर नमाज पढ़ता है?’ Bakrid से पहले इमरान प्रतापगढ़ी का BJP पर हमला, पेट्रोल-डीजल को लेकर भी घेरा
बकरीद 2026 से पहले सड़कों पर नमाज को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी बेवजह इस मुद्दे को उछालकर गलत नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है।
बकरीद 2026 से पहले सड़कों पर नमाज को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी बेवजह इस मुद्दे को उछालकर गलत नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को निशाने पर लिया।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वह पूरी तरह गलत नैरेटिव है। उन्होंने बीजेपी पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, "सड़कों पर नमाज कौन पढ़ता है? भारतीय जनता पार्टी फालतू का नैरेटिव बनाना बंद करे. जुमे की नमाज दिन में एक बजे-दो बजे होती है. इस तपती दोपहरी में कौन सड़क पर नमाज पढ़ेगा? फालतू का नैरेटिव बनाना बंद करिए, कोई सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ता. ये झूठा नैरेटिव है. बीजेपी अपनी गंदी राजनीति बंद करे. विकास के नाम पर आप क्या कर रहे हो, ये बताओ."
उनके इस बयान के बाद बकरीद और धार्मिक आयोजनों को लेकर राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
इमरान प्रतापगढ़ी ने पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी की बढ़ती कीमतों को लेकर भी मोदी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने के बाद जनता पर महंगाई का बोझ डाला गया है।
उन्होंने कहा, "जब तक राज्यों के चुनाव हो रहे थे, संकट तब भी था. होर्मुज तब भी बंद था. लेकिन पेट्रोल-डीजल, एलपीजी और सीएनजी के दाम नहीं बढ़े. लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुआ, चुनावी खर्च वसूलने के लिए मोदी सरकार ने दो हफ्ते में लगातार 10 रुपये के करीब रेट बढ़ा दिए हैं."
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि सरकार तेल कंपनियों और बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी रही, जबकि आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। उन्होंने कहा, "अभी ये रेट कहां जाकर रुकेगा इसकी कोई इंतहा नहीं है. कल पार्लियामेंट्री कमिटी की मीटिंग भी थी लेकिन उसमें संतोषजनक जवाब पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की तरफ से नहीं आया. मैं खुद उसका मेंबर हूं. सदस्यों ने सवाल उठाए थे लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला. जब तक क्रूड ऑयल सत्ता था, धन्नासेठों को फायदा पहुंचाया गया. आज थोड़ी दिक्कत आई है तो जनता को लूटा जा रहा है."
इमरान प्रतापगढ़ी ने SIR का जिक्र करते हुए सरकार से पूछा कि अब तक इस प्रक्रिया के जरिए कितने घुसपैठियों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास अगर आंकड़े हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "इस पर भी बीजेपी सिर्फ और सिर्फ राजनीति करती है. बिहार में SIR हुआ कितने घुसपैठिए प्राप्त हुए? कोई डेटा है सरकार के पास? खाली चुनावी भाषण देना है."
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