होम हैलो.. हम IRS से बोल रहे हैं, अमेरिकियों को लूटने वाले डिजिटल गैंग का भंडाफोड़, FBI के इनपुट पर ED का बड़ा एक्शन
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में चल रहे एक हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है.
जालंधर/नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में चल रहे एक हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है. अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) से मिले इनपुट और सीबीआई (CBI) की एफआईआर के आधार पर ED ने 29 जनवरी 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत 9 ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान टीम ने 34 लाख रुपये कैश, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए हैं.
टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर 'वसूली', IRS का दिखाते थे डर
जांच में ठगी का एक हैरान करने वाला तरीका सामने आया है. 'डिजी कैप्स द फ्यूचर ऑफ डिजिटल' नाम से चल रहे अवैध कॉल सेंटर में बैठे 36 कर्मचारी खुद को 'टेक्निकल सपोर्ट सर्विस' का अधिकारी बताते थे.
क्रिप्टो से कमाई, रियल एस्टेट में निवेश
ED की जांच में जॉनी, दक्षय सेठी और गौरव वर्मा जैसे मुख्य सरगनाओं के नाम सामने आए हैं. ठगी से कमाए गए पैसों को अलग-अलग क्रिप्टो वॉलेट्स में घुमाया जाता था और फिर 'ब्लिस इन्फ्राप्रॉपर्टीज एलएलपी' और 'ब्लिस इंफ्रावेंचर्स एलएलपी' जैसी शेल (फर्जी) कंपनियों के जरिए सफेद किया जाता था. जांच एजेंसी को भारत के साथ-साथ विदेशों में भी प्रॉपर्टी खरीदने के पुख्ता सबूत मिले हैं.
FBI से मिली थी टिप, 9 ठिकानों पर रेड
यह मामला इतना बड़ा था कि इसकी सूचना अमेरिका की एफबीआई ने दी थी. जिसके बाद सीबीआई ने केस दर्ज किया और अब ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत शिकंजा कसा है. छापेमारी के दौरान जॉनी, दक्षय सेठी और गौरव वर्मा के घरों से हाई वैल्यू इन्वेस्टमेंट के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं.
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