होम निर्मला सीतारमण का नौ का फेरा, 9वीं बार बजट पेश करने से पहले सामने खड़ी हैं ये 9 बड़ी मुसीबतें, मिडिल क्लास की सांसें अटकीं
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को इतिहास रचने जा रही हैं. वे लगातार 9वीं बार देश का आम बजट (Union Budget 2026-27) पेश करेंगी. हालांकि, यह बजट उनके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा.
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को इतिहास रचने जा रही हैं. वे लगातार 9वीं बार देश का आम बजट (Union Budget 2026-27) पेश करेंगी. हालांकि, यह बजट उनके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा. भारत भले ही जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, लेकिन धरातल पर हालात चुनौतीपूर्ण हैं. महंगाई, गिरता रुपया और बेरोजगारी जैसे 9 बड़े 'स्पीड ब्रेकर' सरकार की राह रोक रहे हैं.
1. रुपया और सोना-चांदी में लगी 'आग'
आम आदमी की जेब पर सबसे बड़ी मार महंगाई और करेंसी की गिरावट की है.
2. रोजगार का संकट: IT सेक्टर में सन्नाटा
सफेदपोश नौकरियों (White Collar Jobs) में भारी कमी आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 9 महीनों में टॉप-5 आईटी कंपनियों ने सिर्फ 17 नए कर्मचारियों की नियुक्ति की है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 17,764 थी. यह आंकड़ा रोजगार के मोर्चे पर खतरे की घंटी है.
3. अमेरिकी टैरिफ और चीन का बढ़ता दबदबा
वैश्विक व्यापार में भारत दोहरी मार झेल रहा है:
4. 'मेक इन इंडिया' की सुस्त रफ्तार
सरकार का फ्लैगशिप प्रोग्राम 'मेक इन इंडिया' उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं दे पा रहा है. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान 12.13% पर अटका हुआ है, जबकि सरकार का लक्ष्य इसे 25% तक ले जाने का था.
5. विकास दर और विकसित भारत का सपना
सरकार ने 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए लगातार 8% की ग्रोथ चाहिए. लेकिन इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, 2026-27 में जीडीपी ग्रोथ 6.8 से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है, जो लक्ष्य से कम है.
6. किसान और प्रदूषण भी बड़ी चुनौती
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