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समाचारदेशविदेश Alert Star Digital Team Oct 11, 2025 12:45 PM

संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे राहुल गांधी को भी मिलना चाहिए नोबेल सम्मान, कांग्रेस नेता का बड़ा बयान, वेनेजुएला की मारिया कोरिना से की तुलना

वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार 2025 से सम्मानित किए जाने के बाद भारत में राजनीतिक बहस छिड़ गई है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने राहुल गांधी की तुलना मारिया कोरिना से करते हुए कहा कि..

संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे राहुल गांधी को भी मिलना चाहिए नोबेल सम्मान, कांग्रेस नेता का बड़ा बयान, वेनेजुएला की मारिया कोरिना से की तुलना

नई दिल्ली: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार 2025 से सम्मानित किए जाने के बाद भारत में राजनीतिक बहस छिड़ गई है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने राहुल गांधी की तुलना मारिया कोरिना से करते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने अपने देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया, वैसे ही राहुल गांधी भी भारत के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

कांग्रेस नेता का बयान

सुरेंद्र राजपूत ने शुक्रवार (10 अक्टूबर) को एक्स (Twitter) पर मारिया कोरिना की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा –

“इस बार शांति का नोबेल पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता को संविधान की रक्षा के लिए दिया गया है। भारत के विपक्षी नेता राहुल गांधी देश के संविधान को बचाने की लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं।”

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र, समानता और न्याय की रक्षा के लिए जिस तरह से सरकार के खिलाफ मुखर हैं, वे भी इस सम्मान के योग्य हैं।

नोबेल समिति ने क्यों चुना मारिया कोरिना

नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने मचाडो को उनके देश में तानाशाही के खिलाफ लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण परिवर्तन की वकालत के लिए चुना। बीते साल चुनावों के बाद उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ा और उन्हें छिपने पर मजबूर होना पड़ा, बावजूद इसके वह वेनेजुएला की विपक्ष में संघर्ष और एकता का प्रतीक बनी रहीं।

कांग्रेस ने राहुल गांधी के संघर्ष गिनाए

कांग्रेस पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी भारत में भी इसी तरह लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा एनडीए सरकार के दौर में –

  • वोट चोरी और मतदाता सूची में हेरफेर की घटनाएं बढ़ी हैं,
  • ईवीएम हैकिंग और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं,
  • पिछड़े वर्गों के आरक्षण को कमजोर करने की कोशिश हो रही है,
  • और सरकार विरोधी आवाज़ों को दबाने का काम हो रहा है।

कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने इन सभी मुद्दों पर खुलकर आवाज उठाई है और जनता के बीच जाकर संविधान बचाने का अभियान चला रहे हैं।

विपक्ष का सरकार पर हमला

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी इंडिया ब्लॉक लगातार बीजेपी और एनडीए सरकार को बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था, अल्पसंख्यक अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति को लेकर घेर रहा है। विपक्ष का दावा है कि देश में “लोकतंत्र खतरे में है” और राहुल गांधी इसके खिलाफ वैचारिक मोर्चा संभाले हुए हैं।

अब कांग्रेस की इस तुलना ने राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है कि क्या राहुल गांधी भी भविष्य में ‘संविधान बचाने की लड़ाई’ के लिए नोबेल पुरस्कार के दावेदार बन सकते हैं?

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