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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Oct 11, 2025 12:28 PM

लीपापोती ना करें, मायावती का हरियाणा सरकार पर निशाना, IPS पूरन कुमार सुसाइड केस में की निष्पक्ष जांच की मांग

हरियाणा में आईपीएस वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अब इस घटना पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल दुखद है, बल्कि सरकार के लिए शर्मनाक भी है,

लीपापोती ना करें, मायावती का हरियाणा सरकार पर निशाना, IPS पूरन कुमार सुसाइड केस में की निष्पक्ष जांच की मांग

हरियाणा में आईपीएस वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अब इस घटना पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल दुखद है, बल्कि सरकार के लिए शर्मनाक भी है, क्योंकि इससे यह साफ होता है कि आज भी जातिवाद का दंश शासन और प्रशासन पर हावी है।

“जातिवादी शोषण ने ली जान” – मायावती

मायावती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा –

“हरियाणा राज्य में आईजी रैंक के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वाई. पूरन कुमार, जिनकी पत्नी भी स्वयं हरियाणा की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं, द्वारा जातिवादी शोषण व प्रताड़ना के कारण की गयी आत्महत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। खासकर दलित व बहुजन समाज के लोग काफी उद्वेलित हैं।”

उन्होंने कहा कि यह अति-दुखद और अति-गंभीर मामला एक सभ्य सरकार के लिए शर्मनाक है। इससे यह साबित होता है कि लाख दावों के बावजूद जातिवाद शासन और प्रशासन में गहराई तक फैला हुआ है, और सरकारें इसे रोकने में नाकाम रही हैं।

मायावती ने की स्वतंत्र जांच की मांग

बसपा प्रमुख ने कहा कि इस घटना की समयबद्ध, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि,

“हरियाणा सरकार इस घटना को पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता से ले तथा इसकी भी लीपापोती करने का प्रयास ना करे। जांच के नाम पर खानापूर्ति भी नहीं होनी चाहिए, जैसा कि आरोप लगने शुरू हो गए हैं।”

मायावती ने साथ ही यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार को भी इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

“आरक्षण को क्रीमी लेयर से जोड़ने वालों को सीख लेनी चाहिए”

बसपा सुप्रीमो ने अपने बयान में यह भी कहा कि यह घटना उन लोगों के लिए सबक है जो एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण को आर्थिक स्थिति से जोड़ने की बात करते हैं। उन्होंने कहा,

“धन और पद पाने के बाद भी जातिवाद पीछा नहीं छोड़ता। हर स्तर पर जातिवादी शोषण, अत्याचार और उत्पीड़न जारी है, जिसकी ताज़ा मिसाल हरियाणा की यह घटना है।”

मायावती का यह बयान हरियाणा सरकार पर सीधा दबाव बनाने वाला माना जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।

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