होम पूछताछ के दौरान सिसोदिया पर CBI अधिकारियों ने किया थर्ड डिग्री का इस्तेमाल? पूर्व डिप्टी CM ने बताया
पूछताछ के दौरान सिसोदिया पर CBI अधिकारियों ने किया थर्ड डिग्री का इस्तेमाल? पूर्व डिप्टी CM ने बताया
आबकारी नीति कथित घोटाला मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पांच दिन की रिमांड के बाद अदालत में पेश किया गया। सीबीआई के अधिकारियों से घिरे सिसोदिया ने मुस्कुराते हुए अदालतकक्ष में प्रवेश किया।
हालांकि, अदालत में उन्होंने जांच एजेंसी पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया।
राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश एम के नागपाल की अदालत के समक्ष दोपहर दो बजे सीबीआई ने सिसोदिया को पेश किया। लाल टी-शर्ट पहने सिसोदिया अदालत परिसर में शांत नजर आए। उनके चेहरे पर तनाव नहीं था, परंतु उन्होंने न्यायाधीश के सामने कहा कि उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ थर्ड डिग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा, लेकिन आठ से नौ घंटे बैठाकर बस एक ही सवाल करना उनका उत्पीड़न है। इस पर अदालत ने जांच एजेंसी को ऐसा ना करने के लिए कहा। अदालत ने सीबीआई को कहा कि अगर जांच से कुछ नया निकल रहा है तो वह उसको लेकर आरोपी से सवाल कर सकते हैं, परंतु एक सवाल पर अटके रहने से समय की बर्बादी होती है। पिछली सुनवाई पर ही अदालत ने पूर्व उपमुख्यमंत्री के साथ थर्ड डिग्री ना अपनाने के निर्देश सीबीआई को दिए थे।
बीमार पत्नी की दलील
बचाव पक्ष की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन अदालत को बताया गया कि मनीष सिसोदिया की पत्नी का स्वास्थ्य खराब है। वह भारी सदमे में हैं। इससे उनकी तबीयत लगातार खराब होती जा रही है। अदालत से आग्रह किया कि पत्नी के स्वास्थ्य को देखते हुए कोई भी निर्णय लिया जाए। वहीं, सिसोदिया की तरफ से उनकी रिमांड बढ़ाए जाने का विरोध किया गया। सिसोदिया की तरफ से कहा गया कि सीबीआई बार-बार कह रही है कि वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। बचाव पक्ष का कहना था कि असहयोग रिमांड बढ़ाने का आधार नहीं हो सकता। सीबीआई कबूलनामे का इंतजार कर रही है, जबकि कोई अपराध हुआ ही नहीं, तो कबूलनामा कैसा? उन्होंने कहा, उन्हें हिरासत में रखने से कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होगा, क्योंकि सभी बरामदगी पहले ही की जा चुकी है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य अभियुक्तों को जमानत दी जा चुकी है। साथ ही यह भी कहा कि सिसोदिया ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री का एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद संभाला है। सिसोदिया ने कहा कि उनकी समाज में गहरी जड़ें हैं।
सीबीआई ने कहा- चुप रहकर मामला दबा रहे
सीबीआई की तरफ से अदालत में कहा गया कि पिछले पांच दिन में सिसोदिया ने चुप रहने का रास्ता अपनाया है। एजेंसी के अधिकारी भी उनके इस व्यवहार से परेशान हो गए हैं। वह सवालों का जवाब नहीं दे रहे, जबकि यह गंभीर और बड़ा मामला है। बड़ा घोटाला हुआ है। इस मामले में दिल्ली ही नहीं, देश के दूसरे हिस्सों के लोग भी आरोपी हैं। उनकी संलिप्तता भी इस घोटाले में हैं, क्योंकि आबकारी नीति पर मुहर लगाने की जिम्मेदारी सिसोदिया की थी। ऐसे में उनके जवाब इस घोटाले के महत्वपूर्ण बिन्दुओं को खोलने में सहायक होगी। सीबीआई ने यह भी कहा कि बहुत सारी फाइलें व दस्तावेज बरामद करने हैं, जिनके आधार पर कुछ और चेहरे सामने आने की संभावना है। अदालत ने बहरहाल सीबीआई की दलील को स्वीकार करते हुए सिसोदिया की दो दिन की रिमांड मंजूर कर ली है।
जमानत याचिका पर नोटिस
अदालत ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया। अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए अगली तारीख 10 मार्च तय की है। साथ ही, सीबीआई को अगली तारीख पर जमानत याचिका पर जवाब देने को कहा है। उसी दिन जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। शुक्रवार को सिसोदिया की तरफ से अदातल में जमानत याचिका दायर की गई थी।
अदालत परिसर के बाहर आप समर्थकों का धरना
मनीष सिसोदिया की पेशी के मद्देनजर राउज एवेन्यू अदालत परिसर के भीतर और बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था गई थी। आम आदमी पार्टी (आप) समर्थकों ने परिसर के बाहर धरना दिया और नारेबाजी की। कई बार समर्थकों द्वारा उग्र होने जैसी स्थिति बनी, लेकिन हालात को नियंत्रित कर लिया गया। सीबीआई ने रविवार शाम सिसोदिया को 2021-22 के लिए रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
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