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अतीक के लोगों पर दूसरे दिन भी बरसा बुलडोजर
प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड के बाद योगी सरकार की सख्ती का असर दिखाई दे रहा है। प्रयागराज में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन बुलडोजर गरजा और बाहुबली अतीक अहमद के करीबी आर्म्स सप्लायर सफदर अली का मकान ध्वस्त कर दिया गया।
इससे पहले बुधवार को अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता को पनाह देने वाले जफर के मकान को जमींदोज किया था। कहने को तो दोनों ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रयागराज विकास प्राधिकरण की तरफ से मकानों को अवैध मानते हुए की गई है लेकिन इसका सीधा संबंध अतीक अहमद के करीबियों के आर्थिक साम्राज्य पर चोट पहुंचाने के लिए हो रही है।
सीएम योगी ने विधानसभा में उमेश पाल हत्याकांड के दोषियों को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी। मकानों के ध्वस्तीकरण को उसी की कड़ी माना जा रहा है। राजू पाल हत्याकांड के गवाह अधिवक्ता उमेश पाल की 24 फरवरी को गोली और बम मारकर सनसनीखेज तरीके से हत्या कर दी गई थी। वारदात में उमेश पाल के दो सुरक्षाकर्मी भी मारे गए थे।
पुलिस ने मामले में अतीक अहमद को ही मुख्य आरोपी मानते हुए उसकी पत्नी, भाई, बेटों के साथ ही कई करीबियों को नामजद किया है। हत्याकांड के तीसरे दिन एक हमलावर अरबाज को पुलिस ने प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में ही मार गिराया भी था। अतीक अहमद के दो नाबालिग बेटों उठाने का भी पुलिस पर आरोप है। हालांकि पुलिस की तरफ से इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
कौन है सफदर अली
गुरुवार को सफदर अली के घर बुलडोजर चला। ये मकान करेली में 60 फिट रोड पर है। सफदर की जानसन गंज में असलहे की दुकान है। आरोप है कि सफदर अतीक को असलहा सप्लाई करता था। अतीक का लाइसेंसी असलहा भी सफदर के यहां रखवाया गया था। बुलडोजर चलने से पहले सफदर अली ने कहा कि उसका अतीक अहमद से कोई संबध नहीं है।
सफदर ने कहा कि न ही उमेश पाल हत्याकांड से उसका कोई लेना देना है। सफदर ने कहा कि मुस्लिम होने के नाते प्रशासन ने कार्रवाई की। मेरे मकान का नक्शा पास है। गैर कानूनी तरीके से मकान गिराया गया। उसने कहा कि हमने कभी भी अतीक को असलहे की सप्लाई नहीं की है। उन्होंने कहा है कि किसी ने गलत शिकायत करके मेरा मकान ध्वस्त कराया है। उन्होंने कहा कि अगर इसमें कुछ भी मिलता है तो हम अपनी जबान कटवा लेंगे। उन्होंने कहा कि उनका अतीक अहमद से कोई मेलजोल तक नहीं है।
वहीं, प्रयागराज विकास प्राधिकरण का कहना है, मकान का नक्शा पास नहीं था। सफदर को कई बार नोटिस भेजा गया। जवाब नहीं मिलने के बाद कार्रवाई की जा रही है। बताया जाता है कि प्राधिकरण ने उमेश पाल शूटआउट कांड में शामिल सभी शूटर्स, अतीक अहमद के मददगारों की संपत्तियों की लिस्ट तैयार की है। प्राधिकरण में इस पर दिन-रात काम हो रहा है।
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