होम चलकर नहीं उड़करजाएंगे यमुनोत्री धाम! कुछ मिनटों में तय होगी 5 घंटे की दूरी
चलकर नहीं उड़करजाएंगे यमुनोत्री धाम! कुछ मिनटों में तय होगी 5 घंटे की दूरी

चारधाम यात्रा का पहला पड़ाव यमुनोत्री धाम पड़ता है और यहां तक का रास्ता काफी दुर्गम भी है.
समुद्र तल से करीब 3,291 मीटर की ऊंचाई पर बने इस मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल ही जाना पड़ता है. यह रास्ता काफी दुर्गम है और 5 किलोमीटर की चढ़ाई में करीब 5 घंटे लग जाते हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

यमुनोत्री धाम की चढ़ाई जानकीचट्टी से शुरू होती है और यह रास्ता काफी खतरनाक है. बुजुर्गों और बच्चों के लिए तो यहां जाना नामुमकिन काम है. यहां ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है और चढ़ाई में कई तरह की मुश्किलें आती हैं. इस रास्ते को आसान बनाने के लिए मोदी सरकार ने रोप-वे ट्रॉली चलाने की योजना बनाई है. यमुनोत्री रोपवे प्रोजेक्ट का काम काफी तेजी से चल रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

यह रोपवे करीब 3.7 किलोमीटर लंबा होगा, जो खारसाली से यमुनोत्री धाम तक जाएगा. दावा किया जा रहा है कि इस रोपवे के शुरू होने के बाद 5 घंटे का रास्ता सिर्फ 10 से 15 मिनट में तय किया जा सकेगा. पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1,200 करोड़ रुपये की लागत आएगी. (सांकेतिक तस्वीर)

इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास साल 2011 में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने किया था, लेकिन बाद में योजना खटाई में पड़ गई. अब इसके रास्ते साफ हो रहे हैं और फॉरेस्ट विभाग ने 3.8 हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को सौंप दी है. (सांकेतिक तस्वीर)

इस रोपवे के शुरू होने के बाद न सिर्फ यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा, बल्कि बच्चे और बुजुर्ग भी इस धाम के दर्शन कर पाएंगे. मोदी सरकार उत्तराखंड में श्रद्धालुओं के लिए आना-जाना आसान बना रही है और इसके लिए कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं. खासकर चारधाम यात्रा को आसान बनाने की लगातार कोशिशें जारी हैं
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